NAKTI BULLDOZER ACTION : वादा टूटा, उजड़ गए घर, विस्थापितों की खुले आसमान में कटी रात

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NAKTI BULLDOZER ACTION : Promises broken, homes destroyed, displaced people spend the night under the open sky

रायपुर। रायपुर के नकटी गांव में सोमवार तड़के जो हुआ, उसने सैकड़ों लोगों को एक झटके में बेघर कर दिया। सुबह 4 बजे पहले इलाके की बिजली काटी गई और फिर बुलडोजर चलाकर करीब 80 घरों को ढहा दिया गया। बरसात के बीच बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग रातभर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए।

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ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन पहले ही वे सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि बारिश के मौसम में कोई कार्रवाई नहीं होगी और प्रशासन समाधान निकालने की कोशिश करेगा। लेकिन सोमवार की सुबह बुलडोजर पहुंच गया और पूरा मंजर बदल गया।

रात करीब 11:30 बजे कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय प्रभावित परिवारों से मिलने नकटी गांव पहुंचे। लोगों ने उनके सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि पुनर्वास के नाम पर 12 से 14 सदस्यों वाले परिवारों को सिर्फ एक कमरा दिया जा रहा है, जहां न बिजली है, न पानी और न ही शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं।

कार्रवाई के बाद कई तस्वीरें सामने आईं, जिनमें लोग अपने टूटे हुए घरों के मलबे के बीच बैठे नजर आए। एक बुजुर्ग अपनी गोद में मासूम बच्चे को लेकर बेबस दिखाई दिए, जबकि कई परिवार अपना सामान सड़क किनारे रखकर धरने पर बैठ गए।

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ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें झूठा भरोसा दिया गया। उनका कहना है कि बारिश में मकान नहीं तोड़ने का वादा किया गया था, लेकिन प्रशासन ने बिना इंतजार किए कार्रवाई कर दी।

वहीं प्रशासन का दावा है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस मकानों में बसाया जाएगा। नगर निगम की टीम ने लोगों का सामान भी वहां शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि बरसात से ठीक पहले इस तरह लोगों को उजाड़ना बेहद असंवेदनशील फैसला है।

कांग्रेस नेता Vikas Upadhyay ने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी बनाने के लिए 95 से ज्यादा परिवारों को बेघर किया गया और लोगों से किए गए वादे भी पूरे नहीं किए गए।

कार्रवाई के दौरान बच्चों का दर्द भी सामने आया। उनका कहना था कि सुबह से खाना तक नहीं बना था और वे भूखे-प्यासे थे, तभी पुलिस और निगम की टीम पहुंचकर घरों को तोड़ने लगी। इसी बीच मौके पर पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को नाश्ते के पैकेट बांटे जाने की तस्वीरें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

 

 

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