GPM। जिला प्रशासन इन दिनों एक्शन मोड पर नजर आ रहे है। काम में लापरवाही बरतने वाले अधकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे है। वहीं शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर तीन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में पंकज तिवारी विकासखंड मरवाही, मनमोहन पैकरा विकासखण्ड पेंड्रा एवं राजेश पोर्ते विकासखण्ड गौरेला शमिल हैं। इन अधिकारियो द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में कृषकों का ई-केवाईसी कार्य की प्रगति अल्प होने, गौठानों में गोबर खरीदी, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन एवम बिक्री में लापरवाही बरतने पर छत्तीसगढ सिविल सेवा आचरण संहिता के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
जिले के कृशि विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में कृषकों का ई-केवाईसी कार्य की प्रगति कम होने, गौठानों में गोबर खरीदी, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन एवम बिक्री में लापरवाही बरतने पर जिला कलेक्टर ऋचा प्रकाष चौधरी ने कृशिविस्तार अधिकारियों पंकज तिवारी मरवाही, मनमोहन पैकरा पेंड्रा एवम राजेश पोर्ते गौरेला को छत्तीसगढ सिविल सेवा आचरण संहिता के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं दूसरी तरफ कार्यों में अनुशासन हीनता और लंबे समय से अनुपस्थित रहने के कारण जनपद पंचायत गौरेला के ग्राम पंचायत बेलपत और ग्राम पंचायत डूगरा के पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया है।
मिली जानकारी अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गौरेला द्वारा परियोजना निदेशक जिला पंचायत ने प्रतिवेदन के आधार पर जयलाल पैकरा सचिव ग्राम पंचायत बेलपत और रविचंद कवर सचिव ग्राम पंचायत डूंगरा दोनों ही लगातार पंचायत की महत्वपूर्ण योजनाओं में लापरवाही कर रहे थे। इसी कारण एवं समीक्षा बैठक में लगातार अनुपस्थित रहने तथा ग्राम पंचायत की जानकारी उपलब्ध न होने तथा पंचायत बेलपत में कार्य प्रगति नही होने के कारण दोनों सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं प्राथमिक शाला के निर्माण में लापरवाही और दोशी पाये जाने पर तरईगांव के पंचायत सचिव किशन राठौर को वहां से हटाते हुये मरवाही के करसीवां का सचिव बनाया गया है, जबकि देवरगांव के सचिव को तरईगांव का भी प्रभारी बनाया गया है।

