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एक नज़र में प्यार, तुरंत शादी लेकिन… मस्तान की ‘मधुबाला’ की कहानी रुला देगी

डेस्क न्यूज़ : डॉन हाजी मस्तान का मुंबई अंडरवर्ल्ड की दुनिया में काफी बड़ा नाम है। हाजी मस्तान का बॉलीवुड से भी गहरा रिश्ता रहा। बॉलीवुड की एक फेमस हीरोइन से वो बेहद प्यार करता था लेकिन इस डॉन ने शादी की बॉलीवुड की ही एक दूसरी अदाकारा से। किसके प्यार में पागल था मुंबई अंडरवर्ल्ड का सबसे ‘शरीफ’ डॉन और क्यों किसी दूसरी हिरोइन से उसे निकाह करना पड़ा?

60 से लेकर 80 का दशक, माया नगरी बंबई यानी आज की मुंबई में एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा थी और वो नाम था डॉन मस्तान मिर्जा यानी हाजी मस्तान । तब न ही दाऊद इब्राहिम था, न ही छोटा राजन, सिर्फ एक ही नाम था और वो था मस्तान मिर्जा। इस नाम का खौफ पूरी मायानगरी में फैला था, बॉलीवुड भी इस नाम से बेखबर न था और होता भी कैसे जब खुद अंडरवर्ल्ड के इस ड़ॉन की इतनी दिलचस्पी बॉलीवुड में थी। फिल्मों का शौकीन हाजी मस्तान वो पहला अंडरवर्ल्ड डॉन था जिसका रिश्ता बॉलीवुड से हमेशा रहा। चाहे फिल्मों में हो या फिर फिल्मी हसिनाओं में, उस वक्त के इस सबसे बड़े अंडरवर्ल्ड डॉन का हर अंजाज बेहद फिल्मी था। बॉलीवुड के दो चेहरे तो इस डॉन की जिंदगी में ऐसे छाए कि अपनी छाप हमेशा के लिए छोड़ गए। डॉन हाजी मस्तान के अंडरवर्ल्ड के चर्चे तो आपने काफी सुने होंगे लेकिन हम आपको इससे अलग डॉन की प्यार की दुनिया में ले चलेंगे। पिछले कुछ दिनों से हम आपके लिए डॉन की माशूका सीरिज लेकर आए हैं और इसी सीरिज में आज बारी है हाजी मस्तान की हसीना से मिलने की। डॉन की इस कहानी में चाह है, प्यार है, तड़प और दर्द भी है।
मधुबाला का दीवाना था डॉन

डॉन हाजी मस्तान की कहानी वैसे तो मद्रास से शुरू होती है। लेकिन मायानगरी मुंबई में आकर इस कहानी को असली पहचान मिलती है। तो हम आप इस कहानी के उन खास पन्नों से ही रुबरू करवाएंगे जिसे डॉन की ज़िंदगी के अहम पड़ाव कह सकते हैं। हमेशा सफेद कपड़ों में दिखने वाला अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान साठ के दशक में जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया था। वो अंडरवर्ल्ड में आसमान की बुलंदियों को छू रहा था। मुंबई में होने वाला कोई काला कारोबार उसकी मर्जी से नहीं होता था। छोटे से लेकर बड़े डॉन,मुंबई पुलिस और बॉलीवुड यहां तक की राजनीति में भी उसका रूतबा नज़र आने लगा था। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाला हाजी मस्तान के ठाठ अब एकदम अलग थे। डॉन की बॉलावुड में भी खासी रुचि थी । हाजी मस्तान ने फिल्मों में पैसा लगना शुरू किया। बॉलीवुड की कई फिल्मों में डॉन हाजी मस्तान की कमाई लगी हुई थी। उसके प्रोडेक्शन की कई फिल्में बन रही थीं। कई बॉलीवुड स्टार्स के साथ हाजी मस्तान का उठना बैठना था। बॉलीवुड की हर पार्टिज़ में डॉन की उपस्थिति भी अक्सर होती। डॉन का हाइप्रोफाइल लाइफस्टाइल कई लोगों को लुभा रहा था लेकिन कोई था जो डॉन के दिल में जगह बना रहा था। हाजी मस्तान धीरे धीरे किसी की तरफ खिंचता चला जा रहा था। हाजी मस्तान के बॉलीवुड की हर पार्टीज़ में शामिल होने की एक वजह वो चेहरा भी थी। एक ऐसा चेहरा जिसकी मुस्कान पर बाकी लोगों की तरह हाजी मस्तान भी मर मिटा था। शायद अब तक आप जान ही चुके होंगे कि हम बॉलीवुड की किस खूबसरूत एक्ट्रेस की बात कर रहे हैं। तो हम आपको बता दे वो नाम था मधुबाला।

मधुबाला का दीवाना था डॉन

एक तरफ हाजी मस्तान की अंडरवर्ल्ड की दुनिया में तूती बोल रही थी। उसने पठान गिरोह के करीम लाला और साउथ के एक गैंग के लीडर वरदराजन के साथ हाथ मिला लिया था। समंदर की लहरों की ऊंचाइयों की तरह ही उसका तस्करी का काम ऊंचाइयों की सारी सीमाएं छू रहा था। वही दूसरी तरफ मधुबाला के लिए डॉन के दिल में चाह बढ़ती जा रही थी। हाजी मस्तान इंतजार कर रहा था उस वक्त का जब वो अपने दिल की बात अपनी सबसे खास हिरोइन को बोलेगा। लेकिन वो सही वक्त कभी ना आ पाया। मधुबाला कभी भी डॉन की नहीं हो पाई। मुंबई के सबसे बड़े डॉन जिसके कदमों में पूरा बॉलीवुड झुकता था आखिर क्यों एक हीरोइन को अपना न बना सका। ऐसे ही कई सवाल शायद आपके दिमाग में चल रहे होंगे।

मधुबाला से नहीं किया प्यार का इज़हार

ये बिल्कुल सही है कि साठ के दशक में हाजी मस्तान मुंबई के बड़े नामों में से एक था, वो जो चाहता था उस चीज़ को पा लेता था। बड़ी कारों में घूमना, आलीशान घर में रहना, बॉलीवुड की हर पार्टीज़ में शामिल होना सब कुछ देखकर ऐसा ही लगता था कि मधुबाला को एक न एक दिन डॉन अपनी मेहबूबा बना ही लेगा। लेकिन मधुबाला से बेइंतहा मोहब्बत करने के बावजूद हाजी मस्तान ने उन्हें कभी इसके बारे में नहीं बताया। हाजी मस्तान ने वो बात अपने दिल में रखी। वजह थी मधुबाला की शादी और उनकी बीमारी। साठ के दशक में जब तक डॉन का रूतबा काफी ऊंचा हो चुका था, मधुबाला किशोर कुमार के साथ घर बसा चुकी थी। इसी दौरान मधुबाला की तबियत भी काफी बिगड़ने लगी थी। करीब नौ साल तक वो बीमारी में ही रहीं और फिर एक दिन उनकी मौत हो गई। मधुबाला की मौत के साथ ही डॉन की एकतरफा मोहब्बत भी अधुरी रह गई।

राजनीति में उतरा हाजी मस्तान

हाजी मस्तान ने इसे अपना मुकद्दर मान लिया और फिर काले कारोबार को आगे बढ़ाने में जुट गया। मस्तान मिर्जा था तो डॉन लेकिन पूरे मुंबई में उसकी काफी इज्जत होती थी। कहते हैं उसने खुद कभी किसी पर गोली नहीं चलाई थी। वो अपने साथियों की मदद से ही अपने काम को आगे बढ़ा रहा था। मुंबई और देश के दूसरे हिस्सों के डॉन्स से भी मस्तान मिर्जा की खूब बनती थी। मस्तान मिर्जा गरीबों की मदद के लिए भी आगे रहता था। उसे गरीबों के मसीहा के रूप में देखा जाता था। यही वजह थी कि वो डॉन होने के बावजूद मुंबई में अपनी गहरी छाप छोड़ रहा था। इमरजेंसी के दौरान मिर्जा मस्तान को भी जेल में डाल दिया गया था। जेल के दौरान ही मस्तान मिर्जा की ज़िंदगी बदल गई। जेपी से मुलाकात के बाद मस्तान मिर्जा अंडरवर्ल्ड के काले कारोबार से अलग होने का मन बना लिया और फिर उसे एक नहीं पहचान मिली हाजी मिर्जा के रूप में। मस्तान मिर्जा हाजी मिर्जा बन चुका था। डॉन ने अब नई पारी राजनीति में खेलने का मन बना लिया था और राजनीति में एंट्री कर ली थी।

मधुबाला की हमशक्ल थी सोना

बॉलीवुड में भी हाजी मस्तान काफी पैसा लगा हुआ था। मधुबाला के बाद वैसे तो हाजी मस्तान का बॉलीवुड सर्किल में उठना-बैठना कुछ कम हो गया था लेकिन तभी फिल्मों में आए एक नए नाम की चर्चा ने डॉन का ध्यान अपनी तरफ खिंचा। सोना नाम की एक नई अभिनेत्री ने बॉलीवुड में एंट्री ली थी। सोना की शक्ल मधुबाला से काफी ज्यादा मिलती थी। मधुबाला की तरह दिखने की वजह से सोना की चर्चा बॉलीवुड में होने लगी। हर कोई हैरान थकि कैसे दो इतनी ज्यादा मिल सकती हैं। सोना के चर्चे मशहूर हुए। डॉन के कानों तक जब ये बात पहुंची तो उसने भी सोना से मिलने का मन बना लिया। सोना को देखते ही हाजी मस्तान ने ये तय कर लिया कि उन्हें बेशक मधुबाला न मिल पाई हो वो मधुबाला की हमशक्ल को अपना ज़रूर बनाएंगे। हाजी मस्तान ने तुरंत सोना के परिवार से मुलाकात की और सोना के साथ निकाह का प्रस्ताव भेजा। सोना का असली नाम शाहजहां बेगम था। डॉन के प्रस्ताव आने के बाद सोना के परिवार ने शादी के लिए हां कर दी और फिर दोनों का निकाह हो गया। हाजी मस्तान और सोना की एक बेटी भी है।

डॉन की मौत बनी सोना के लिए मुश्किल

कुछ समय तक तो डॉन के साथ सोना की ज़िदगी खुशहाल बीती। लेकिन 1994 में डॉन की हत्या हो गई और फिर डॉन की मौत के बाद शुरू हुई सोना की मुश्किलें। दरअसल सोना से शादी के वक्त डॉड हाजी मस्तान पहले से ही शादीशुदा था। सोना से डॉन ने दूसरी शादी की थी और इसलिए सोना से डॉन का परिवार नफरत करता था। जब हाजी मस्तान की हत्या हुई तो फिर उसके बाद सोना एकदम अकेली पड़ गई। कहते हैं हाजी मस्तान के परिवार ने सोना को काफी परेशान भी किया, उनसे डॉन की सारी दौलत छीन ली गई। डॉन से शादी के बाद ही सोना का फिल्मी करियर तो खत्म हो ही गया था और फिर हॉजी मस्तान की मौत के बाद उन्हें काफी आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा।

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