विकास समनानी ब्यूरो चीफ, दैनिक छत्तीसगढ़ वॉच, बिलासपुर
बिलासपुर। 17 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के बाद बिलासपुर शहर अब भी सामान्य स्थिति में नहीं लौट पाया है। शहर के कई मोहल्लों में जलभराव से लोगों के घरों में पानी घुस गया, घरेलू सामान बर्बाद हो गया और कई परिवारों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, बिलासपुर में रिकॉर्ड बारिश के कारण व्यापक जलभराव, परिवहन बाधित होने और राहत कार्य शुरू किए जाने की स्थिति बनी।
इसी बीच शनिवार रात राजीव गांधी चौक पर यातायात पुलिस द्वारा चालानी कार्रवाई किए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शहर के कई हिस्सों में लोग अब भी बारिश से हुई तबाही से उबरने का प्रयास कर रहे हैं, तब प्रशासन की प्राथमिकता राहत और सहायता कार्य होना चाहिए।
नागरिकों ने सवाल उठाया कि आपदा जैसी स्थिति के बाद पुलिस और प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में राहत, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर अधिक ध्यान देना चाहिए या फिर नियमित चालानी कार्रवाई को प्राथमिकता देना उचित है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी परिस्थितियों में संवेदनशीलता दिखाते हुए जनता के साथ खड़ा होना चाहिए।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि राजीव गांधी चौक पर की जा रही कार्रवाई विशेष अभियान का हिस्सा थी या नियमित यातायात जांच। पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
शहरवासी अब प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि बारिश से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत, मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
