MAMTA KO JHATKA : Relief to rebel MLA, blow to Mamata from court!
रायपुर। पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विधानसभा और लोकसभा में बगावत की खबरों के बीच अब कलकत्ता हाईकोर्ट से भी उन्हें बड़ा झटका लगा है।
हाईकोर्ट ने टीएमसी से बागी हुए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। यानी फिलहाल ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे और विधानसभा के बजट सत्र में इसी भूमिका में नजर आएंगे।
टीएमसी की ओर से वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने स्पीकर के फैसले को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पार्टी का आरोप था कि स्पीकर ने आधिकारिक पार्टी फैसले और व्हिप की अनदेखी कर केवल संख्या बल के आधार पर निर्णय लिया।
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हालांकि कोर्ट ने फिलहाल इस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इससे पहले सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पीकर की प्रक्रिया पर सवाल जरूर उठाए थे, लेकिन तत्काल राहत देने से मना कर दिया।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब टीएमसी नेतृत्व ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने की सिफारिश की थी। इसके बाद ऋतब्रत बनर्जी और उनके समर्थक विधायकों ने दावा किया कि बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ और कई हस्ताक्षर फर्जी हैं।
विवाद बढ़ने पर पार्टी ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा को निष्कासित कर दिया। लेकिन इसके बाद भी ऋतब्रत बनर्जी ने 58 विधायकों के समर्थन का दावा किया, जिसके आधार पर स्पीकर ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष घोषित कर दिया।
अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद ऋतब्रत की स्थिति और मजबूत हो गई है। वहीं ममता बनर्जी के सामने पार्टी के अंदर बढ़ती बगावत नई चुनौती बनकर खड़ी हो गई है।

