ArcelorMittal Nippon Steel India celebrated World Environment Day in the remote villages of Kirandul with a tree plantation drive and a painting competition.
किरंदुल/दंतेवाड़ा: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आर्सेलरमित्तल निप्पन स्टील इंडिया की सीएसआर टीम द्वारा किरंदुल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए विभिन्न कार्यक्रमों का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम ‘प्रकृति से प्रेरित: जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए’ को केंद्र में रखते हुए कंपनी ने स्थानीय समुदायों और स्कूली बच्चों को प्रकृति के साथ जुड़ने और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस विशेष अवसर पर दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम मदकामीरास के हाई स्कूल में एक भव्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्षेत्र के इतिहास में यह पहली बार था जब इतने दूरस्थ गांवों के बच्चों के लिए इस स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में कालेपाल, समलवार, गुमियापाल, कुटरेम, हिरोली और मदकामीरास ग्राम पंचायतों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
प्रतियोगिता को कुल चार समूहों में विभाजित किया गया था, जिसमें जूनियर और सीनियर श्रेणियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी कला और कल्पना शक्ति से पर्यावरण संरक्षण का संदेश कैनवास पर उकेरा।आयोजन के दौरान AM/NS India किरंदुल के वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारियों, बालाजी और राजेश ठाकुर ने स्कूल का दौरा किया। उन्होंने छात्रों द्वारा बनाई गई जीवंत कलाकृतियों का निरीक्षण कर उनकी प्रतिभा की सराहना की। इसके पश्चात, अतिथियों ने मदकामीरास हाई स्कूल परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जहाँ चारों श्रेणियों के शीर्ष तीन विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच नंदा, ग्राम के वरिष्ठ नागरिक, स्कूल का शिक्षण स्टाफ और AM/NS India की सीएसआर टीम से डॉ. तेज प्रकाश मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
पूर्व सरपंच नंदा ने AM/NS India की पहल की सराहना करते हुए कहा कि धरती को बचाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने और उसे सहेजने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कंपनी की इस पहल ने न केवल बच्चों की रचनात्मकता को मंच प्रदान किया, बल्कि ग्रामीणों के बीच पर्यावरण के प्रति एक नई चेतना का संचार भी किया।

