MP cough syrup death case: कफ सिरप से मौत का मामले में MP के डॉक्टर के खिलाफ क्या-क्या हुई कार्रवाई? जानिए यहां

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MP cough syrup death case: नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से 14 बच्चों की जान चली गई। इस घटना ने देश भर में लोगों को चिंता में डाल दिया है। केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि राजस्थान, महाराष्ट्र में भी इस सिरप से बच्चों के बीमार होने की खबरें सामने आई है।

इस घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप समेत कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के सभी प्रोडक्ट्स पर बैन लगा दिया है। वहीं, कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है और सस्पेंड भी कर दिया गया है।

कोल्ड्रिफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर हुए गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में इस कफ सिरप के कारण हुई बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने एक्शन लिया है। मध्य प्रदेश पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण सोनी को छिंदवाड़ा के परासिया से गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि डॉक्टर प्रवीण सोनी परासिया के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ हैं। उन्होंने इस सिरप को उन बच्चों को देने का सुझाव दिया था, जो सर्दी खांसी से पीड़ित थे। हालांकि, कोल्ड्रिफ सिरप के सेवन कई बच्चों की जान चली गई। आशंका जताई जा रही है कि इस सिरप के सेवन के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई, जिससे उनकी जान चली गई।

निलंबित किए गए डॉक्टर सोनी
कोल्ड्रिफ कफ सिरप से मौत मामले में मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। राज्य सरकार ने छिंदवाड़ा के चिकित्सक प्रवीण सोनी को निलंबित भी कर दिया है। राज्य के सीएम ने इस बात की जानकारी दी है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर छिंदवाड़ा जिले के परासिया में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिशुओं के उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन के बाद उन्हें क्षेत्रीय कार्यालय स्वास्थ्य सेवाएं, जबलपुर में अटैच कर दिया गया है।

कई धाराओं में मामला दर्ज
वहीं, इस मामले में छिंदवाड़ा के एसपी अजय पांडे ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बताया कि बीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर 105 बीएनएस, 276 बीएनएस और 27 (ए) ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में सबसे ज्यादा बच्चों का इलाज डॉ. प्रवीण सोनी ने किया था। उन्होंने कोल्ड्रिफ़ सिरप लिखी थी। इसी आधार पर उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया है। तमिलनाडु की निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल्स को भी इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है। डॉक्टर पुलिस हिरासत में है।

एमपी समेत कई राज्यों में बैन हुई दवा
मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में इस सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत हो गई। इसके बाद इन राज्यों में इस सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया गया। वहीं, एहतियात के तौर पर केरल और तेलंगाना जैसे अन्य राज्यों ने इस सिरप पर प्रतिबंध लगाने के लिए सार्वजनिक अलर्ट जारी किया है।

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