CHHATTISGARH : If there is a criminal case, the departmental inquiry may be stopped.
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के मामलों में बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि अगर किसी कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा और विभागीय जांच एक ही आरोपों और एक जैसे साक्ष्यों पर आधारित हैं, तो दोनों को साथ-साथ चलाना हर मामले में उचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर कोरबा के एक सब इंस्पेक्टर के खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
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कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक, कोरबा को अगली सुनवाई तक जांच आगे नहीं बढ़ाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कर्मचारी के निष्पक्ष बचाव के अधिकार की भी रक्षा जरूरी है। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हर मामले में विभागीय जांच अपने आप नहीं रुकेगी। फैसला आरोपों, साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर ही होगा।
