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बड़ी वारदातः बड़े भाई ने छोटे भाई को उतारा मौत के घाट

लम्बी : थाना लम्बी के गांव धौला में एक व्यक्ति ने अपने छोटे भाई को कस्सी के साथ काट कर उसका शव खेत में दबा दिया। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयानों पर जांच उपरांत मुकद्दमा दर्ज कर कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर शव को खेत में से निकाला। इस संबंधी एस.एच.ओ. अमनदीप सिंह बराड़ ने पत्रकारों को बताया कि 2-3 नवंबर की रात को गुरमीत सिंह पुत्र महेन्दर सिंह अपने बड़े भाई गुरजीत सिंह के साथ खेत में गेहूं बोने गया तो घर वापस नहीं आया। इस संबंधी गुरमीत सिंह की पत्नी सुखपाल कौर ने पुलिस को बताया कि उसके पति के गुम होने के पीछे उसके जेठ गुरजीत सिंह का हाथ हो सकता है। पुलिस की तरफ से गुरजीत सिंह से पूछताछ के बाद उसने खुलासा किया कि उसने ही अपने छोटे भाई गुरमीत सिंह (28) की कस्सी के साथ काट कर हत्या कर दी है।

रात साढ़े 7 बजे जब गुरमीत सिंह खेत में से वापस घर जाने लगा तो आरोपी ने उसको वापस बुलाकर कहा कि ट्रैक्टर की बैलट टूट गई है। जब गुरमीत सिंह झुक कर बैलट देखने लगा तो गुरजीत सिंह ने कस्सी के साथ बार कर उसको नीचे फैंक लिया और फिर गर्दन और सिर पर कस्सी से कई बार कर उसकी हत्या कर दी । आरोपी ने अपने भाई के शव को पल्ली में बांध कर नजदीक खेत में बने एक गड्ढे में दबा दिया। आरोपी की तरफ से हत्या कबूल करने के बाद निशानदेही पर लम्बी पुलिस ने डी.एस.पी. मलोट जसपाल सिंह ढिल्लों और नायब तहसीलदार अंजू रानी की उपस्थिति में मृतक गुरमीत सिंह का शव खेत में से निकाला।

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नाजायज संबंधों से रोकने करके की हत्या
आरोपी ने पुलिस के पास माना कि उसकी एक महिला के साथ नाजायज संबंध हैं जिस कारण उसका छोटा भाई रोकता था और घर में तकरार रहती थी, इसी गुस्से में आकर उसने गुरमीत सिंह की हत्या कर दी। मृतक के विवाह को 4 वर्ष हुए हैं और उसकी एक अढ़ाई वर्ष की बच्ची है। पुलिस ने आरोपी विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर माननीय जज कंवलजीत सिंह की अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जा रहा है।

गांव में नहीं जलाया गया कोई दीया
दीवाली से दो रातें पहले गुरमीत सिंह के लापता होने और बाद में उसके बड़े भाई गुरजीत सिंह की तरफ से हत्या करने की बात मान लेने के बाद जब दीवाली वाली शाम को गुरमीत सिंह का शव खेत में से निकाला गया। इस घटना के कारण सभी गांव में शोक था और पटाखे चलाने तो दूर किसी ने भी घर में दीये नहीं जलाया।

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