Reversal of sterilization performed on surrendered Naxalites.
रायपुर: छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ लाल आतंक के साये से मुक्त हो गया हो, लेकिन उस लाल साये की पीड़ा आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ अब भी है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों के जीवन में अब नया सबेरा आ रहा है। सामान्य जीवन जीने की चाह रखने वाले इन लड़ाकों की नसबंदी शीर्ष नक्सलियों ने करा दी थी।
अब वेस्ट ज़ोन यूरोलॉजी सोसाइटी, छत्तीसगढ़ यूरोलॉजी सोसाइटी और बस्तर पुलिस के सहयोग से नसबंदी करा चुके आत्मसमर्पित नक्सलियों की रिवर्सल नसबंदी कराई जा रही है।
रायपुर के प्रसिद्ध डाक्टर और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डॉ. प्रशांत भागवत ने कहा कि यह उनके लिए खुशी की बात है कि वे जगदलपुर के महारानी अस्पताल में हुए चैरिटी सर्जिकल वर्कशाॅप का हिस्सा बने।
डाॅ. भागवत ने हाल ही में जगदलपुर में 33 आत्मसमर्पित नक्सलियों की रिवर्सल नसबंदी की। यह कार्यक्रम बस्तर आईजी पी. सुंदरराज की पहल पर आयोजित किया गया था।
डॉ. प्रशांत भागवत ने बताया कि वहां जाकर पीड़ितों से बात कर हमें भी पता चला कि बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले जोड़ों में से कई संगठन की क्रूर नसबंदी की दंश झेल रहे थे।
वहां पिछले दिनों शिविर के लिए 70 पूर्व नक्सलियों ने पंजीयन कराया गया था। इसमें से 33 पुरुषों का माइक्रो सर्जिकल ऑपरेशन किया गया।

