CHHATTISGARH : Petition in High Court on Corona fee ends, know what happened?
बिलासपुर। कोरोना महामारी के दौरान छत्तीसगढ़ में लगाए गए विशेष उत्पाद शुल्क और विशेष कोरोना शुल्क की राशि के संग्रह और खर्च का हिसाब मांगने वाली जनहित याचिका अब खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए इसे निरर्थक मानकर निराकृत कर दिया।
चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।
यह जनहित याचिका पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व विधायक नारायण चंदेल और शिवरतन शर्मा ने दायर की थी। इसमें 2 मई 2020 और 15 मई 2020 को जारी अधिसूचनाओं के तहत लगाए गए विशेष उत्पाद शुल्क और कोरोना शुल्क से जुड़े सभी रिकॉर्ड हाई कोर्ट में पेश करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इन शुल्कों से मिली रकम कहां और किस काम में खर्च हुई, इसका पूरा हिसाब सामने आना चाहिए। उन्होंने राशि के इस्तेमाल की निगरानी और ऑडिट के लिए स्वतंत्र निकाय बनाने तथा कोरोना शुल्क से मिली रकम स्वास्थ्य विभाग को देकर महामारी से निपटने में खर्च करने की मांग भी की थी।
इसके अलावा राशि के कथित दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि परिस्थितियों में बदलाव के कारण अब याचिका का कोई औचित्य नहीं रह गया है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने भी इस पर सहमति जताई। इसके बाद कोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए मामला निराकृत कर दिया।
