SYMBOLIC IMPEACHMENT : Opposition’s unique protest against CEC, what happened in Delhi?
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को INDIA ब्लॉक की करीब 21 विपक्षी पार्टियों ने दिल्ली में उनके खिलाफ प्रतीकात्मक सार्वजनिक ‘इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर संसद की कार्यवाही की तर्ज पर हुआ।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। अलग-अलग दलों के नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। राहुल गांधी ने कार्यक्रम के अंत में संबोधन किया। यह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत वास्तविक महाभियोग नहीं, बल्कि विपक्ष का प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध था।
कार्यक्रम में खड़गे ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देश पर चुनाव आयोग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को बचाने की है। उन्होंने मतदाता सूची से कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के नाम हटाए जाने की आशंका भी जताई।
विपक्ष का यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर है। INDIA ब्लॉक ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
इस कार्यक्रम के अगले दिन यानी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की बड़ी रैली भी प्रस्तावित है। ऐसे में चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।
