CHHATTISGARH : Lawyer’s claim falls flat! The lawyer himself is trapped in court.
बिलासपुर. बिलासपुर जिला अदालत ने एक ऐसे मामले में बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें एक वकील अपने ही पुराने मुवक्किलों से बकाया फीस वसूलने कोर्ट पहुंच गए थे। लेकिन मामला उल्टा पड़ गया और अदालत ने उनकी पूरी अपील ही खारिज कर दी।
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रतनपुर के अधिवक्ता रामेश्वर कश्यप ने दावा किया था कि उनके पूर्व मुवक्किल बाबूलाल गोंड और समारु राम साहू पर 30 हजार रुपये की वकालत फीस बकाया है। इसी रकम की वसूली के लिए उन्होंने कोर्ट में केस दायर किया था।
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मगर सुनवाई के दौरान मामला पलट गया। जिरह में खुद वकील ने स्वीकार कर लिया कि उन्हें पहले ही 16 हजार रुपये फीस मिल चुकी है। इतना ही नहीं, उनके अपने गवाह ने भी कोर्ट में कहा कि उसके सामने फीस को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई थी और उसे बकाया राशि की कोई जानकारी नहीं है।
कोर्ट ने पाया कि फीस तय होने का कोई लिखित समझौता या दस्तावेज मौजूद नहीं था। ऐसे में सिर्फ मौखिक दावे के आधार पर 30 हजार रुपये की मांग को अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
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अदालत ने यह भी माना कि केस में कई जरूरी पक्षकारों को शामिल नहीं किया गया था और वादी अपने दावे को साबित करने के लिए कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसी आधार पर जिला न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी।

