MAGH MELA CONTROVERSY : Officer resigns over Shankaracharya controversy
प्रयागराज/बरेली, 26 जनवरी 2026। माघ मेले को लेकर प्रशासन और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया, जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 5 पेज के इस्तीफे में शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुई मारपीट को अपने फैसले की वजह बताया।
इधर, गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले में अपने शिविर के बाहर तिरंगा फहराया। उनकी पालकी को भी गुब्बारों से सजाया गया। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य की तारीफ करते हुए कहा कि यदि उनका बस चलता तो वह विवाद को कब का खत्म करवा देते, लेकिन एक समझदार नेता को दबाया जा रहा है।
द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि तीन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को शंकराचार्य से किसी तरह का सर्टिफिकेट मांगने का कोई अधिकार नहीं है और निर्दोष ब्राह्मणों के साथ की गई मारपीट निंदनीय है।
रविवार को प्रयागराज पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने इस विवाद पर कहा था कि जब उनसे बात करने को कहा जाएगा, तब वे जरूर शंकराचार्य से संवाद करेंगे और संगम में स्नान कर विवाद खत्म करने का निवेदन करेंगे।
गौरतलब है कि माघ मेला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच बीते 9 दिनों से विवाद चल रहा है। 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन पालकी से संगम स्नान को लेकर पुलिस और शिष्यों के बीच धक्का-मुक्की हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें दो नोटिस जारी किए, जिनका जवाब शंकराचार्य ने दे दिया है।
विवाद के बीच 24 जनवरी की रात कट्टर सनातनी सेना के कुछ युवक शिविर में नारे लगाते हुए घुसने की कोशिश भी कर चुके हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कहा है कि चाहे जितना दबाव बनाया जाए, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

