SUPREME COURT : Supreme Court’s big question on UAPA case…
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने UAPA यानी गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के मामलों को लेकर बड़ा ऑब्जर्वेशन दिया है। कोर्ट ने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक ऐसे मामलों में 90 फीसदी से ज्यादा आरोपी आखिर में बरी हो जाते हैं।
जम्मू-कश्मीर के एक केस में जमानत देते हुए कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ आरोप के आधार पर किसी को सालों तक जेल में रखना सही नहीं है।
कोर्ट ने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पूरे देश में UAPA मामलों में दोषसिद्धि की दर सिर्फ 2 से 6 फीसदी के बीच है, यानी अधिकतर केस में लोग बरी हो जाते हैं। जम्मू-कश्मीर में तो यह दर 1 फीसदी से भी कम बताई गई, जहां 99 फीसदी मामलों में अंत में आरोपी छूट जाते हैं।

