PM Modi to visit New Zealand: First visit by an Indian Prime Minister to New Zealand in 40 years!
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर जाने वाले है।
इस बात की जानकारी खुद न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने पीएम मोदी के न्यूजीलैंड दौरे की पुष्टि करते हुए इस दौरे को दोनों देशों के संबंधों के लिए “ऐतिहासिक” बताया है।
क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ़्ते न्यूज़ीलैंड का अपना पहला ऑफिशियल दौरा करेंगे।
उन्होंने आगे लिखा- भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती इकॉनमी में से एक है, और न्यूज़ीलैंड की इकॉनमिक खुशहाली के लिए बहुत ज़रूरी देश है। हम अप्रैल में साइन किए गए अपने न्यूज़ीलैंड-इंडिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के साथ दोनों देशों के रिश्ते को अगले लेवल पर ले जा रहे हैं, जिससे न्यूज़ीलैंड को ज़्यादा नौकरियां, ज़्यादा एक्सपोर्ट और मज़बूत इकॉनमिक ग्रोथ मिलेगी।
इससे 1.4 बिलियन लोगों के मार्केट में हमारे गुड्स और सर्विसेज़ एक्सपोर्ट को बढ़ाने के नए मौके मिलेंगे – जिससे कीवी कम्युनिटीज़ में ज़्यादा पैसा आएगा, नौकरियां पैदा होंगी और सैलरी बढ़ेगी।
बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल 27 अप्रैल को नई दिल्ली में ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए थे। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत न्यूजीलैंड ने भारतीय उत्पादों को अपने बाजार में 100 फीसदी ड्यूटी-फ्री करने का फैसला किया है। इससे कपड़ा, लेदर, फुटवियर, इंजीनियरिंग सामान, जेम्स और ज्वैलरी जैसे भारतीय उद्योगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
वहीं भारत ने न्यूजीलैंड के करीब 70 फीसदी उत्पादों पर शुल्क में कटौती या उसे फेजवाइज खत्म करने पर सहमति जताई है। हालांकि भारत ने डेयरी और कुछ संवेदनशील कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है।
समझौते का एक बड़ा हिस्सा निवेश और रोजगार से भी जुड़ा है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर तक निवेश को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अलावा भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियरों, स्वास्थ्यकर्मियों, योग प्रशिक्षकों, आयुष विशेषज्ञों, शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए स्पेशल वीजा व्यवस्था भी की गई है। भारतीय छात्रों को भी इस समझौते से बड़ा लाभ मिलेगा। अब उनके लिए छात्र संख्या की सीमा हटाई गई है।
