रायपुर। योजना के माध्यम से सरकार बेरोजगारी की दर कमी करने और पारम्परिक व्यवसायों पर पुनर्जोर देने का प्रयास कर रही है। पौनी पसारी योजना के अंतर्गत सभी हस्तशिल्पकारों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्हें अपना हुनर को निखारने का एक सुनहरा अवसर योजना के तहत प्राप्त हो रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यवसाइयों को बढ़ावा देने के लिए “पौनी पसारी योजना” की शुरुवात की थी। जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के व्यवसाइयों को सहयोग मिला। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी खुले। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने बाजार निर्माण करवाया, जिससे व्यवसाइयों को लाभ मिला। इस योजना के अंतर्गत 168 शहरी निकायों को शामिल किया गया। राज्य सरकार ने इसके लिए 168 शेड्स का निर्माण भी किया। इन शेड के माध्यम से व्यवसायी अपना व्यवसाय आसानी से कर सकते हैं, यह उन्हें बारिश और धुप जैसी समस्याओं से दूर रखता है, जिससे वे अनेक मौसमों में व्यवसाए कर सकते हैं। इन शेड्स को 15 रू. प्रतिदिन के किराए पर व्यवसाइयों द्वारा लिया जा सकता है। वहीं, इस योजना में 50 % महिलाओं के लिए आरक्षित भी किया गया।
इस योजना के माध्यम से अब बेरोजगार युवा बाजार में अपना स्थान बना सकते हैं और स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इस योजना के सभी निवेशकों को सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है और किराये पर अस्थायी दुकाने दी जाती। इसके अतिरिक्त हाथ से कार्य करने वाले जैसे कुम्हार, लोहार, बंसोड़, आदि को इस योजना से लाभ मिला है।
युवाओं को मिल रहा रोजगार

इस योजना के माध्यम से सरकार बेरोजगारी की दर कमी करने और पारम्परिक व्यवसायों पर पुनर्जोर देने का प्रयास कर रही है। पौनी पसारी योजना के अंतर्गत सभी हस्तशिल्पकारों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्हें अपना हुनर को निखारने का एक सुनहरा अवसर योजना के तहत प्राप्त हो रहा है। आज कल जहां, आधुनिकी तरीके से सभी कार्यों को कम समय में पूरा किया जाता है, लोगो को सुविधाएँ तो मिली है लेकिन कामगारों के पास किसी भी प्रकार का कोई कार्य करने का कोई अवसर नहीं मिलता है। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आमजन नागरिकों को रोजगार देने के लिए यह योजना शुरू की गयी है।
12 हजार से अधिक परिवारों को मिले रोजगार अवसर

वहीं, इस योजना में महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इस पहल पर अगले दो वर्षों में 73 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए, जिससे 12 हजार से अधिक परिवारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए। साथ ही इस योजना के तहत पारंपरिक व्यवसाय के लिए 255 पौन पासारी बाजार का निर्माण किया गया, जो पूरे 166 शहरी क्षेत्रों में फैले होंगे। इस योजना से 12000 नागरिक लाभान्वित हुए हैं।
पौनी-पसारी‘ बाजार में खरीददारों का उमड़ा जन सैलाब
पौनी पसारी योजना के माध्यम से गाँव में स्व सहायता समूह बना कर, महिलाओं को छोटे-छोटे व्यवसाय के माध्यम से आगे बढाने का प्रयत्न कर रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के उपलक्ष्य पर रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में नगरीय प्रशासन विभाग के स्टॉल में ‘पौनी-पसारी‘ बाजार में खरीददारों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। वहीं, बाजार लोगों के आकर्षक का केन्द्र बना रहा। स्टॉल में राज्य सरकार की पौनी-पसारी योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए सूपा, चरहिया, टूकना, कुम्हारी समान, मिट्टी के बर्तन, सो पिस, लोहे के कलाकृति, ढोकरा कला, बांस कला, पारंपरिक गहनों की खूब बिक्री हो रही है। साथ ही लोगों को खूब पसंद भी आ रहे हैं।

