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PATIALA VIOLENCE : 3 पुलिस के बड़े अफसरों पर गिरी हिंसा की गाज, इलाके में कर्फ्यू, हालात तनावपूर्ण

Violence fell on 3 senior police officers, curfew in the area, situation tense

डेस्क। पंजाब के पटियाला में खालिस्तान विरोधी एक मार्च को लेकर दो समूहों में झड़प में चार व्यक्तियों के घायल होने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है। काली देवी मंदिर के पास दो समूहों के बीच शु्क्रवार को हुई झड़प में शिवसेना नेता हरीश सिंगला को हिरासत के बाद आज गिरफ्तार कर लिया गया है। हिंसा की गाज पुलिस के तीन बड़े अफसरों पर गिरी है।

पटियाला के आईजी राकेश अग्रवाल को हटा दिया गया है। जबकि डिप्टी एसपी और एसएचओ को शिफ्ट कर दिया गया है। मुखविंदर सिंह छीना को नया आईजी बनाया गया है। वहीं दीपक पारेक नए एसएसपी और वजीर सिंह नए एसपी होंगे।

सूत्रों के मुताबिक पटियाला हिंसा मामले में पंजाब के DGP से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बेहद नाराज हैं। कई बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। तीन अफसर इस मामले में पहले ही नप चुके हैं।

इस मामले पर पटियाला की डिप्टी कमिश्रर ने कहा, शांति बनाए रखी जानी चाहिए. स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। मोबाइल इंटरनेट सर्विसेज को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है, ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जाए। तीन घटनाओं में एफआईआर दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर मिली जानकारी के जरिए सबूत जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हम छापेमारी कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि शांति बनाए रखें। एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है।

क्या है मामला ?

झड़प काली माता मंदिर के बाहर उस समय हुई जब सिंगला के समूह ने पास के आर्य समाज चौक से “खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च” शुरू किया था। अधिकारियों ने बताया कि निहंगों सहित कुछ सिख कार्यकर्ता, जो शुरू में दुख निवारण साहिब गुरुद्वारे पर एकत्र हुए थे, मंदिर की ओर बढ़े, और उनमें से कुछ ने तलवारें लहराईं. उन्होंने बताया कि उनके जुलूस को भी अधिकारियों से अनुमति नहीं मिली थी।

पुलिस ने बताया कि मंदिर के पास दोनों गुट आमने-सामने आ गए और एक दूसरे पर पथराव किया। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए गए और हिंसा को शहर में फैलने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिये गये।

हरीश सिंगला ने कहा था कि संगठन ने मार्च का आयोजन ‘सिख फॉर जस्टिस’ की 29 अप्रैल को ‘खालिस्तान के स्थापना दिवस’ के तौर पर मनाने की घोषणा के जवाब में किया था। सिंगला ने कहा कि प्रतिबंधित गुट ‘सिख फॉर जस्टिस’ प्रमुख गुरपतवंत पन्नून ने 29 अप्रैल को खालिस्तान के स्थापना दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

पुलिस ने बताया कि हिंसा में घायल हुए चार लोगों में से दो पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी हालत स्थिर है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पटियाला में हुई ‘सांप्रदायिक झड़प’ की घटना का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को राज्य सरकार से एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

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