बच्चों के लिए नया टीका नहीं, लगेगी को-वैक्सीन की दोनों डोज, केंद्र भी वही…

Date:

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

रायपुर: कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाव के लिए 15 से 18 साल के बच्चों को तीन जनवरी से टीका लगाया जाएगा। इस आयु वालों के लिए नई वैक्सीन नहीं होगी। पुरानी को-वैक्सीन की दोनों डोज उन्हें 28 दिन के अंतराल में दी जाएगी। प्रदेश में इसके लिए 16.35 लाख बच्चों को चिन्हित किया गया है। जिले में अभियान शुरु करने के लिए अभी लगभग आठ लाख टीका स्टॉक में हैं। बच्चों को टीका पुराने केंद्रों में ही लगेगा मगर उनके लिए अलग से काउंटर बनाया जाएगा। आधार कार्ड सहित उम्र का उल्लेख करने वाला दस्तावेज इसके लिए मान्य होगा। केंद्र सरकार ने 15 से 18 साल के बच्चों को टीका लगाने के लिए राज्यों से गाइडलाइन शेयर किया है। जिसके हिसाब से तैयारी शुरु कर दी गई है। हितग्राही एक जनवरी से कोविन पोर्टल पर अपना पंजीयन करवा सकते हैं। इसके साथ टीका केंद्रों में भी इसकी सुविधा उन्हें दी जाएगी। केंद्रों में टीका लगाने के लिए अब फिर से दो काउंटर होंगे। एक में 18 प्लस तथा दूसरे में 15 से 18 साल के लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसके लिए अलग से स्टाफ की व्यवस्था की गई है और वैक्सीन लगने के बाद बच्चों की केंद्रों में आधे घंटे तक निगरानी की जाएगी। गाइडलाइन मिलने के बाद राज्य स्तर पर जिला टीकाकरण अधिकारियों को बच्चों को वैक्सीन लगाने और इसके लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए विभिन्न तरह के निर्देश जारी किया गया। बच्चों को को-वैक्सीन की दोनों डोज दी जाएगी। इसकी वजह से वैक्सीनेटरों को अलग से प्रशिक्षण देने की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान को पूरा करने के लिए अभी सभी जिलों के पास पर्याप्त संख्या में को-वैक्सीन उपलब्ध है। जिलों के स्टाक के मुताबिक प्रदेश में लगभग आठ लाख को-वैक्सीन का स्टॉक है। जिसके माध्यम से तीन जनवरी से इसकी शुरुआत होगी और आने वाले दिनों में केंद्र सरकार द्वारा इसकी आपूर्ति की जाएगी।

बूस्टर के लिए सर्टिफिकेट जरूरी नहीं

10 जनवरी से हेल्थ फ्रंटलाइन वर्कर और 60 साल से अधिक आयु वालों को बूस्टर डोज लगाया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि 60 साल से अधिक आयु के जो लोग स्वेच्छा से टीका केंद्र पहुंचेंगे। उन्हें बूस्टर डोज दिया जाएगा। उन्हें बीमारी का कोई प्रमाणपत्र दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए नियम केवल यही होगा कि उन्हें दूसरी खुराक लगे 9 माह अथवा 34 सप्ताह पूरा हो चुका हो। प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या लगभग 3.40 लाख, फ्रंटलाइन वर्करों की संख्या करीब 3.20 लाख है। प्रदेश में साठ साल से अधिक आयु वालों की अनुमानित संख्या 5 लाख 80 हजार है। जिसके 20 फीसदी यानी 5 लाख 16 हजार लोगों को कोमार्बिडिटी पीड़ित माना गया है। इन्हें बूस्टर डोज उन्हीं केंद्रों में लगाने की तैयारी की जा रही है।

इसके लिए आने वाले दिनों में विस्तृत गाइडलाइन दिया जाएगा। तैयारी पूरी बच्चों को टीका लगाने की हमने तैयारी शुरु कर दी है। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मौजूद है। जिससे 3 जनवरी से इसकी शुरुआत की जाएगी।

– डॉ. वीआर भगत राज्य टीकाकरण अधिकारी

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related