CONGRESS HASDEO PROTEST : खदानों की बाढ़ से छत्तीसगढ़ में मचा घमासान

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CONGRESS HASDEO PROTEST : Flooding of mines sparks uproar in Chhattisgarh

अंबिकापुर। अंबिकापुर में रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा गरमाया। इस कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में कोल, बॉक्साइट और लौह अयस्क खदानों का तेजी से विस्तार हो रहा है और हसदेव–उदयपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों की लूट बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले जिन इलाकों में खनन को सीमित रखने की बात थी, वहां अब लगातार नई खदानें स्वीकृत हो रही हैं, जिससे रामगढ़ का अस्तित्व संकट में है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन लगातार छीनी जा रही है और आम लोगों के विरोध पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे पूंजीपतियों के हित में चल रही नीतियों का परिणाम बताया और पूरे प्रदेश में एकजुट आंदोलन की अपील की।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा ने कहा कि देश में संसाधनों पर बड़े कॉर्पोरेट्स का दबाव बढ़ रहा है और जनता को अपने अधिकारों के लिए संगठित होना होगा। वहीं सर्व आदिवासी समाज के विनोद नागवंशी और सामाजिक कार्यकर्ता रमाकांत ने भी खनन विस्तार से पर्यावरण और किसानों मजदूरों पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई।

हसदेव बचाव मंच के आलोक शुक्ला ने दावा किया कि केते एक्सटेंशन परियोजना में हजारों एकड़ जंगल प्रभावित होगा और लाखों पेड़ कटने की आशंका है, जिससे आने वाले समय में जल संकट और बढ़ सकता है।

 

 

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