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प्रदेश में धरना, प्रदर्शन, जुलूस रैली पर पाबंदी लगाना ठीक नहीं : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। आंदोलन पर पाबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है प्रदेश में धरना, प्रदर्शन, जुलूस रैली पर पाबंदी लगाना ठीक नहीं है। अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा पूरा करने की बजाय उनके आंदोलन को दबाया गया। किसानों का पंडाल भी उखाड़ा गया।

कांग्रेस की नीतियों से असंतुष्ट किसान, जनता और कर्मचारी खुलकर उनके विरोध में खड़े हो गए हैं तो उन्होंने दमनकारी नीतियों का खुलकर सहारा लेना शुरू किया है। क्या यह संभव है कि जिस प्रशासन का लोग विरोध करना चाहते हैं वो अपने ही खिलाफ धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली की अनुमति देगा। डॉ रमन ने कहा भाजपा इस आदेश के खिलाफ न्यायालय जाएगी और प्रदेश की जनता, किसानों तथा प्रदेश के हित में काम कर रहे कर्मचारियों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित किए जाने के विरुद्ध संघर्ष करेगी।

पूर्व मंत्री राजेश मूणत और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव नवा रायपुर में चल रहे किसानों के आंदोलन को बंद करवाने और संविदा विद्युत कर्मियों के आंदोलन पर की गई कार्रवाई को गलत बताया। दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ने आंदोलनरत किसानों, कर्मचारियों एवं मितानिनों के ऊपर पुलिसिया डर दिखाकर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया ।

छत्तीसगढ़ के गृह विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि अब किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम जैसे कि धरना प्रदर्शन, रैली को आयोजित करने से पहले कलेक्टर दफ्तर में एक फॉर्म भरकर जमा करना होगा। इसका बकायदा एक प्रारूप तैयार किया गया है। ये फार्म एसडीएम कार्यालय से आवेदन करते वक्त लिया जा सकेगा। इसमें आयोजक के पूरी जानकारी ली जाएगी ।

आयोजन किस तारीख से किस तारीख तक चलेगा, कहां होगा, अगर रैली हुई तो उसका रूट क्या होगा, रैली में कौन लोग शामिल होंगे, कहां से आएंगे कौन सी गाड़ियों से आएंगे, पूरे आयोजन का मकसद क्या है। इस तरह के 11 सवालों के जवाब के साथ फॉर्म भरकर जमा करना होगा। इसके बाद जिला प्रशासन पर निर्भर करता है कि वह अनुमति देगा या नहीं। बिना अनुमति के कार्यक्रम किया तो आयोजकों पर एफ आई आर दर्ज की जाएगी।

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