India–New Zealand FTA MOU: Consensus Reached on FTA; India to Benefit
India – New zealand FTA MOU : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर 27 अप्रैल को हस्ताक्षर होने जा रहे हैं।
यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है.
रविवार को न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने घोषणा की कि भारत और न्यूजीलैंड अगले सप्ताह एक बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर साइन करने जा रहे हैं, जो द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस समझौते को एक महत्वपूर्ण आर्थिक सफलता बताते हुए प्रधानमंत्री लक्सन ने इस समझौते के राजनीतिक और आर्थिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह एक लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को पूरा करता है।
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच समझौता व्यापार, निवेश, सेवाओं और कृषि सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण है।
न्यूजीलैंड भारत को ऊन, लोहा और इस्पात, एल्युमीनियम, फल और मेवे, लकड़ी का गूदा और पुनर्चक्रित कागज सहित कई प्रकार की चीजें निर्यात करता है।
जबकि भारत से फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी, बहुमूल्य धातुएं और पत्थर, टेक्सटाइल समेत कई प्रकार की वस्तुएं आयात करता है।
ट्रेड डील से लाभ
–भारतीय IT कंपनियों और प्रोफेशनल सेवाओं को न्यूज़ीलैंड में आसान प्रवेश मिल सकता है, जिससे सेवा निर्यात बढ़ेगा।
-भारतीय दवाइयों और कपड़ा उद्योग को राहत मिलने की संभावना
– भारतीय युवाओं को न्यूजीलैंड में पढ़ाई करने और जॉब करने के अवसर बढ़ेंगे
-कृषि और फूड प्रोसेसिंग निर्यात में भी बढ़ोतरी की संभावना है

