London: ब्रिटेन की संसद में उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया जब लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता एड डेविड ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ट्रंप को “अंतर्राष्ट्रीय गैंगस्टर”, “बुली” और “अमेरिका के इतिहास का सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति” तक कह दिया। एड डेविड का यह बयान ट्रंप द्वारा ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले 10% से 25% तक के आयात शुल्क की धमकी के बाद आया। ये देश डेनमार्क के उस फैसले के साथ खड़े हैं, जिसमें उसने ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंपने या बेचने से इनकार किया है। डेविड ने कहा कि यह दुनिया के लिए बेहद गंभीर और खतरनाक समय है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप सहयोग नहीं, बल्कि धमकी और दबाव की राजनीति कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ब्रिटेन और अमेरिका के बीच का ऐतिहासिक “स्पेशल रिलेशनशिप” अब लगभग टूटने की कगार पर है।
एड डेविड ने कहा,“ट्रंप ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे कोई गुंडा जो ताकत के बल पर जो चाहे छीन सकता है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप नाटो को कमजोर करने और सहयोगी देशों की संप्रभुता को कुचलने की धमकी दे रहे हैं। डेविड ने कहा कि इस पूरे टकराव से केवल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग खुश हैं। उन्होंने ब्रिटेन की मौजूदा लेबर सरकार और पूर्व कंजरवेटिव सरकारों पर भी निशाना साधा और कहा कि ट्रंप को खुश करने, उनकी तारीफ करने और झुकने की नीति पूरी तरह विफल रही है। अब ब्रिटेन को तय करना होगा कि वह ट्रंप के सामने खड़ा होगा या फिर “कुछ अरब डॉलर देकर उन्हें खुश करने” की कोशिश करेगा।
तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड पर अमेरिकी झंडा लगे फर्जी चित्र और ऐसा नक्शा पोस्ट किया जिसमें कनाडा और ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा दिखाया गया। ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी टकराव मोल ले लिया है। उन्होंने फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी और दावा किया कि इससे मैक्रों उनके तथाकथित “बोर्ड ऑफ पीस” में शामिल हो जाएंगे। फ्रांस की मंत्री एनी जेनवार्ड ने ट्रंप की रणनीति को “क्रूर” और “ब्लैकमेल का हथियार” बताया। वहीं अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सहयोगी देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि अमेरिका के रिश्ते दुनिया से पहले से ज्यादा मजबूत हैं।

