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IAS ARRESTED : रिटायरमेंट से पहले आईएएस गिरफ्तार, आय से 500 गुना ज्यादा मिली संपत्ति, HC ने राहत देने से किया इनकार

IAS arrested before retirement, got assets 500 times more than income, HC refused to give relief

देहरादून। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के चर्चित अधिकारी राम विलास यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं, निलंबन से कुछ ही देर बाद उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया है। राम विलास यादव उत्तराखंड सरकार में समाज कल्याण विभाग में अपर सचिव पद पर तैनात थे।

विजिलेंस डायरेक्टर अमित सिन्हा ने बताया कि दोपहर 12.45 बजे विजिलेंस ऑफिस पहुंचे थे। यहां पर रामविलास से पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

होगी अनुशासनिक कार्यवाई –

उत्तराखंड सरकार के कार्मिक एवं सतर्कता विभाग द्वारा यहां जारी एक आदेश में कहा गया है कि यादव के विरूद्ध यहां सतर्कता विभाग द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले की जांच में उनके अपेक्षित सहयोग न करने तथा अखिल भारतीय सेवाओं की आचरण नियमावली के संगत प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित है।

आदेश के अनुसार, ये आरोप इतने गंभीर है कि उनके सिद्ध होने की दशा में अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल आईएएस को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करने की राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

लखनऊ के एक शख्स ने की थी शिकायत –

निलंबन की अवधि में यादव प्रदेश के कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के सचिव के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। राम विलास यादव पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव रह चुके हैं। लखनऊ के ही एक व्यक्ति ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने की शिकायत दर्ज कराई थी जिसके आधार पर उत्तराखंड के सतर्कता विभाग ने जांच शुरू की थी।

आय से 500 गुना ज्यादा मिली संपत्ति –

सूत्रों ने बताया कि सतर्कता विभाग की टीम ने उनके देहरादून, लखनऊ, गाजीपुर समेत कई ठिकानों पर छापा मारा जहां उनके पास कथित रूप से आय से 500 गुना अधिक संपत्ति होने का पता चला। इस आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

हाई कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार –

अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए राम विलास यादव ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी । हालांकि, न्यायालय ने उन्हें इससे कोई राहत न देते हुए उन्हें सतर्कता के समक्ष बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था। बुधवार को उन्हें तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर लिया गया।

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