Discussion over tea: In the same school discussion…
पत्रकार दीपक तिवारी चचेड़ी वाले
आज चाय की दुकान, पान ठेला और सरकारी दफ्तरों में एक ही स्कूल की चर्चा गर्म है। लोग कह रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या है कि पिछले तीन-चार वर्षों से यह स्कूल लगातार विवादों में बना हुआ है।
चर्चा है कि कुछ वर्ष पहले इसी स्कूल में एक 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था, जिसमें न्यायालय दोषी को 20 वर्ष की सजा सुना चुका है। अब एक बार फिर उसी स्कूल को लेकर नई चर्चाओं का बाजार गर्म है।
विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि वर्ष 2024-25 में बीजापुर की एक नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म हुआ । शहर में यह भी चर्चा है कि मामले को शांत रखने के लिए छात्रा की डिलीवरी जिले से बाहर कराई गई। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चाय की टेबल पर लोग यह भी कह रहे हैं कि जब एससी/एसटी विभाग के सहायक आयुक्त से इस संबंध में पूछा गया, तो उनका जवाब था कि मामला 2024-25 का है और छात्रा के बीमार होने पर उसके माता-पिता उसे घर ले गए थे, जिसके बाद वह दोबारा स्कूल नहीं लौटी। लेकिन जब जांच की प्रगति के बारे में सवाल किए गए, तो स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसी बात को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जब मामला एक नाबालिग आदिवासी छात्रा से जुड़ा बताया जा रहा है, तो जांच में इतनी चुप्पी क्यों है? क्या सच्चाई सामने आएगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? यह सवाल अब हर चाय की दुकान पर सुनाई दे रहा है।
चाय पर चर्चा यही कहती है, अगर मामला गलत है तो प्रशासन पूरी सच्चाई जनता के सामने रखे, और अगर मामला सही है तो किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाए बिना निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। न्याय में देरी भी कई सवाल खड़े करती है।
