CHHATTISGARH : High Court erupts in fire!
रायपुर। लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ में फायर सेफ्टी को लेकर बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। हाईकोर्ट ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए साफ कहा है कि सिर्फ टेंडर निकाल देने से कुछ नहीं होगा, असली काम जमीन पर दिखना चाहिए।
कोर्ट ने फायर ब्रिगेड के आधुनिक वाहनों और उपकरणों की खरीद से जुड़े सभी टेंडरों की स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। साथ ही पूछा है कि वर्क ऑर्डर कहां तक पहुंचे और काम आखिर कब शुरू होगा।
इधर, जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। कोचिंग सेंटर, मॉल, होटल और बहुमंजिला इमारतों की जांच के लिए विशेष कमेटियां बना दी गई हैं। 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया है कि 72.70 करोड़ रुपए के फायर उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है और 16 नए फायर स्टेशन बनाए जाने हैं। लेकिन कई जिलों में अब तक जमीन ही उपलब्ध नहीं हो पाई है, जिससे योजनाएं अटकी हुई हैं।
हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल कागजी दावे पर्याप्त नहीं हैं। जनता की सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर बदलाव दिखना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
उधर, बिलासपुर में छह कोचिंग संस्थानों की जांच के दौरान गंभीर खामियां मिली हैं। एक कोचिंग सेंटर को सील किया गया है, जबकि पांच को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
