CG HIGH COURT : Widow’s first claim for compassionate employment
बिलासपुर। अनुकंपा नियुक्ति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि पात्र और उपलब्ध होने पर दिवंगत सरकारी कर्मचारी की विधवा को सबसे पहले नियुक्ति का अधिकार मिलेगा। उसकी जगह बहन या कोई अन्य रिश्तेदार अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता।
मामले में कर्मचारी की मौत के बाद उसकी पत्नी और बहन दोनों ने नौकरी के लिए आवेदन किया था। जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्नी को भृत्य पद पर नियुक्ति दी थी, जिसे कर्मचारी की बहन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति नीति का हवाला देते हुए कहा कि प्राथमिकता सूची में विधवा/विधुर सबसे ऊपर हैं। इसके बाद पुत्र, दत्तक पुत्र, अविवाहित पुत्री आदि का क्रम आता है। बहन को विधवा से ऊपर प्राथमिकता नहीं दी गई है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए पत्नी की नियुक्ति को सही ठहराया।
