- Advertisement -
CG: Team of officials formed to expedite the probe into the construction of the parallel highway.
रायपुर : राजधानी के हांडीपारा स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में किसान पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के किसानों के हितों, शासकीय जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों और छत्तीसगढ़ की अस्मिता को लेकर कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई तथा सर्वसम्मति से बड़े प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ किसान नेता दुबे ने बाहरी शोषकों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की करीब 55 लाख एकड़ कृषि भूमि को बाहरी तत्वों ने सांठगांठ कर बेच दिया है। अब इस शोषण के खिलाफ गांव-गांव में जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
बैठक में पारित किए गए 3 मुख्य प्रस्ताव:
- खाद और उन्नत बीज के लिए किसान मोर्चा की पहल: प्रदेश के किसानों को खरीफ सीजन में सही समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद और उन्नत बीज उपलब्ध कराने के लिए किसान मोर्चा सीधे तौर पर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर पहल करेगा, ताकि किसानों को ब्लैक मार्केटिंग और किल्लत से बचाया जा सके।
- करणी कृपा प्राइवेट लिमिटेड के महाघोटाले पर बड़ा आंदोलन: आंदोलनकारी किसानों ने पुख्ता सबूतों के साथ प्रमाणित किया है कि अवैध करणी कृपा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा शासकीय नेशनल हाईवे की भूमि, आदिवासियों की जमीन, काबिल कास्त भूमि और बड़े वन-जंगल की भूमि पर अवैधानिक तरीके से शर्तों का उल्लंघन कर डायवर्सन कराया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग की सरकारी जमीन पर अवैध समानांतर सड़क के सीमांकन व नाप के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। इस मामले में पटवारी से लेकर जिलाधीश (कलेक्टर) तक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए किसान मोर्चा ने आर-पार की लड़ाई और बड़े आंदोलन का ऐलान किया है।
- 15 अगस्त से अस्मिता रथ यात्रा का तीसरा चरण: छत्तीसगढ़ की माटी, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ‘छत्तीसगढ़ महतारी अस्मिता रथ यात्रा’ के तीसरे चरण का शंखनाद आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है। यह यात्रा राज्य के कोने-कोने और गांव-गांव जाकर बाहरी शोषकों के खिलाफ जनजागरण पैदा करेगी।
बैठक के अंत में किसान पदाधिकारियों ने साफ किया कि यदि करणी कृपा प्राइवेट लिमिटेड के अवैध कब्जों और डायवर्सन पर प्रशासन ने तुरंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो पूरे प्रदेश के किसान कलेक्ट्रेट का घेराव करने को मजबूर होंगे।
- Advertisement -
