CG COAL SCAM BREAKING: Doubt over bail of Suryakant Tiwari, Supreme Court seeks reply from ED
रायपुर। 570 करोड़ रुपये के कथित कोयला घोटाला मामले में सूर्यकांत तिवारी और उनके परिवार की जमानत पर अभी भी तलवार लटकी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने सूर्यकांत तिवारी, उनके भाई लक्ष्मीकांत तिवारी और परिवार के अन्य सदस्यों की जमानत पर फैसला लेने से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा है। ED को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद अदालत जमानत पर अंतिम फैसला सुनाएगी।
सौम्या चौरसिया और IAS रानू साहू को मिली थी अंतरिम जमानत –
इस मामले में सौम्या चौरसिया और निलंबित IAS रानू साहू को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी। हालांकि, उनकी रिहाई पर भी रोक लग गई है, क्योंकि जमानत मिलने के तुरंत बाद ही EOW और ACB ने उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया।
सूर्यकांत तिवारी की मुश्किलें बढ़ीं –
सूर्यकांत तिवारी, जो इस घोटाले के मुख्य आरोपी माने जाते हैं, को जमानत नहीं मिली है। अब उनकी जमानत का फैसला ED के जवाब पर निर्भर करेगा। अगर ED ठोस सबूत पेश करती है, तो सूर्यकांत और उनके परिवार के सदस्यों की जमानत मिलने में मुश्किल हो सकती है।
अदालती फैसले पर टिकी नजरें –
सभी की नजरें अब सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं। यदि ED का जवाब सूर्यकांत तिवारी के खिलाफ जाता है, तो उन्हें और उनके परिवार को जेल में ही रहना पड़ सकता है। वहीं, अगर अदालत उनके पक्ष में निर्णय देती है, तो उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो सकता है।
