BILAIGARH RAJSHAHI DUSSEHRA : Royal Dussehra in Bilaigarh, what will be special?
बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ की पुरानी परंपराओं की झलक देखनी है, तो 21 अक्टूबर को बिलाईगढ़ का राजशाही दशहरा महोत्सव खास रहने वाला है। राजा ओंकारेश्वर शरण सिंह की अगुवाई में राजमहल परिवार की शाही सवारी निकलेगी। इसके साथ ही तीरंदाजी और गढ़ तोड़ई प्रतियोगिता लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
आयोजन की जानकारी के अनुसार, बुधवार को शाम 3:30 बजे बिलाईगढ़-कटगी स्टेट के राजा और राजमहल परिवार की शाही सवारी लाव-लश्कर के साथ रानीभाठा के लिए रवाना होगी। इस दौरान राजपरिवार की पारंपरिक शान और पुराने रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिलेगी।
महोत्सव में पारंपरिक तीरंदाजी प्रतियोगिता के साथ गढ़ तोड़ई यानी लंबी कूद का आयोजन भी होगा। इस प्रतियोगिता में विजेता को पुरस्कार के रूप में एक बकरा दिया जाता है। इससे स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है और क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराएं भी आगे बढ़ती हैं।
बिलाईगढ़ का राजशाही दशहरा अपनी ऐतिहासिक पहचान और पारंपरिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। हर साल आसपास के गांवों और दूर-दराज के इलाकों से लोग इसे देखने पहुंचते हैं।
आयोजन से जुड़े लोगों ने नगरवासियों, व्यापारी वर्ग, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और सर्व आदिवासी समाज सहित क्षेत्र के लोगों से महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। अब लोगों की नजर शाही सवारी और पारंपरिक प्रतियोगिताओं पर रहेगी।
