CG TRIBAL COMMUNITY : Tribal community’s declaration on conversion
बीजापुर। धर्मांतरण को लेकर गुरुवार को सर्व आदिवासी समाज ने प्रेस वार्ता कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। बैठक में पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के पेशा कानून, पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र, ग्राम सभा के अधिकार और धर्मांतरण को लेकर अपनी मांगों और चिंताओं को साझा किया।
सर्व आदिवासी समाज ने कहा कि यदि किसी गांव में कोई व्यक्ति धर्मांतरण कर चुका हो और उसकी मृत्यु हो जाए, तो उसके कफन-दफन का कार्यक्रम आदिवासी परंपरा के खिलाफ माना जाएगा। ऐसे मामलों में समाज ने कफन-दफन कार्यक्रम पर रोक लगाने की पहल करने की बात कही।
अध्यक्ष अरविंद नेताम ने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी परंपरा, संस्कृति और आस्था है और धर्मांतरण के जरिए इसे तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजाराम तोडम ने कहा कि पेशा कानून और ग्राम सभा के अधिकार सर्वोपरि हैं। गांव के फैसले गांव में होंगे और धर्मांतरण के बाद की गतिविधियों को ग्राम सभा स्वीकार नहीं करेगी।
सर्व आदिवासी समाज की यह प्रेस वार्ता आदिवासी परंपराओं की रक्षा और धर्मांतरण से उत्पन्न संभावित विवादों को लेकर चेतावनी का संदेश रही।

