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बिहार यूनिवर्सिटी: हजारों लड़के-लड़कियां बन गए ‘ट्रांसजेंडर’, विवि भी हैरान

बिहार : यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर के हजारों छात्रों का जेंडर बदल दिया गया है. यहां एग्जाम कंट्रोलर की ओर से बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के फॉर्म में जेंडर कॉलम में मेल-फीमेल की जगह Others कर दिया गया है. Bihar University की इस गलती की चर्चा हर तरफ हो रही है. वहीं, यूनिवर्सिटी के कुलपति हनुमान प्रसाद ने कहा है कि इसे जल्द सुधारा जाएगा. वहीं छात्र यूनिवर्सिटी के एग्जाम कंट्रोलर से इसकी शिकायत कर रहे हैं.

बिहार यूनिवर्सिटी की इस लापरवाही पर एग्जाम कंट्रोलर डॉ संजय कुमार सिंह ने बताया कि आवेदन फॉर्म भरते समय यह गलती हुई है. आखिर जेंडर कॉलम में इतना बड़ा बदलाव कैसे आया इसका खुलासा तब हुआ जब छात्रों के फॉर्म कॉलेज में नामांकन के लिए भेजे गए.

जेंडर कॉलम में गड़बड़ी
बिहार यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर के हजारों छात्रों के फॉर्म में मेल या फीमेल की जगह अदर्स भर दिया गया है. इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो गई इस बात से यूनिवर्सिटी भी सकते में आ गया है. कुलपति ने आश्वासन दिया है कि आगे ऐसी गलती न हो इसके लिए पूरी प्रक्रिया तैयार की जा रही है.

विश्वविद्यालय एग्जाम कंट्रोलर डॉ संजय कुमार सिंह ने बताया कि छात्र आकर शिकायत कर रहे हैं कि साइबर कैफे वालों ने उनके फॉर्म में गलती की है. जेंडर कॉलम में अदर्स भर दिया गया है. बता दें कि यूनिवर्सिटी में पहली मेरिट लिस्ट के लिए 60 हजार आवेदन आए थे. इनमें से 36,010 लड़कियां और 25,873 लड़के शामिल थे.

मिलेगा फॉर्म एडिट करने का मौका
एग्जाम कंट्रोलर डॉ संजय कुमार सिंह ने कहा है कि जिन छात्र-छात्राओं के आवेजन फॉर्म में जेंडर की जगह अदर्स लिख दिए गए हैं, उन्हें एक और मौका दिया जाएगा. छात्रों के लिए फॉर्म एडिट करने का ऑप्शन ओपन किया जाएगा. यूनिवर्सिटी की पोर्टल पर एडिट की लिंक एक्टिव की जाएगी. साथ ही संजय सिंह ने कहा है कि छात्रों से आग्रह किया जाता है कि अपने फॉर्म खुद भरें ताकि कोई गलती न हो.

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