नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त और कारपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए बैंकिंग क्षेत्र का आह्वान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 25 वर्षों को प्रधानमंत्री ने अमृत काल कहा है और इसकी शुरुआत बहुत शुभ रही है, भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
उन्होंने कहा, हमारे पास करने के लिए बहुत कुछ है, बैंकिंग उद्योग को अमृत काल में विशेष योगदान करने की आवश्यकता है, हमें यह देखना होगा कि तेजी से आगे बढ़ते भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम किस तरह से मदद कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमें 2047 तक विकसित देश बनने की जरूरत है, जिसके हम हकदार हैं। यह बैंकिंग क्षेत्र है, जिसे इस दिशा में बड़ा योगदान देना है। वह 16 सितंबर 2022 को मुंबई में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की 75वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित कर रही थीं।मंत्री ने कहा कि बैंक विकास के सबसे बड़े उत्प्रेरक हैं। उन्होंने कहा, अपने निर्णय लेने वाले बोर्ड को पेशेवर बनाएं, बैंक अब पुरानी पृष्ठभूमि (क्रोनी बैकग्राउंड) के साथ नहीं चल सकते हैं। हमारी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि बैंकों के कामकाज में कोई निर्देश या हस्तक्षेप न किया जाए। हमें व्यावसायिकता को तेज गति से अपनाने की जरूरत है। हम समझते हैं कि बैंकों को विशुद्ध रूप से बैंकिंग परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पेशेवरों द्वारा संचालित करने देना चाहिए।वित्त मंत्री ने बैंकों से अगले 25 वर्षों के लिए योजना बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, अगले 25 वर्षों में भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए रणनीति बनाने की आवश्यकता है। आपको अपना पोर्टफोलियो बनाने की जरूरत है, जिससे वे युवाओं के लिए आकर्षक हों और खुद को उनके लिए सुलभ बना सकें। क्या आप युवाओं, महिलाओं से संवाद कर रहे हैं, क्या आप उन्हें उत्पाद की पेशकश कर रहे हैं?
