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शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय के हिंदी विभाग में प्राचार्य डॉ किरण गजपाल के मार्गदर्शन में व्याख्यान का आयोजन किया गया।

अंतर्गत ‘”बसंतोस्तव’ और निराला” विषय में व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सत्यभामा आडिल पूर्व विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार एवं अतिथि वक्ता के रूप में श्रीमती सुधा वर्मा संपादक ‘मड़ई’ भी उपस्थिति रहीं। स्वागत भाषण में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सविता मिश्रा ने डॉ. सत्यभामा आडिल के व्यक्तित्व एवं रचनाओं की विशेषता का परिचय दिया। मुख्य वक्ता डॉ सत्यभामा आडिल जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि, हिंदी में कबीर और निराला ने बहुत प्रभावित किया। बसंत ऋतु में निराला की कविता की चर्चा आवश्यक हो जाती है। इस अवसर पर उन्होंने निराला की कविताओं का वाचन किया। बसंत ऋतु के अवसर पर उन्होंने अपनी रचना ‘बसंत’ एवं अन्य का वाचन किया। अतिथि वक्ता के रूप में श्रीमती सुधा वर्मा जी मडई के संपादक ने अपने वक्तव्य में कहा कि, छत्तीसगढ़ के पर्व त्यौहार पौराणिक कथाओं से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपनी कविता ‘बसंत’ , ‘अमलताश’ ,’नदी के किनारों का परिणय’ का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कल्पना मिश्रा ने किया । आभार प्रदर्शन श्रीमती मंजू कोचे ने किया कार्यक्रम में श्रीमती चंद्रज्योति श्रीवास्तव , डॉ. कल्याण रवि अन्य प्राध्यापक गण ,रिसर्च स्कॉलर्स एवं एम.ए. की छात्राएं उपस्थित रहीं।

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