INDEPENDENCE DAY 2026 : For the first time, the tricolor flies without fear in Bastar! The picture has changed in 92 villages.
रायपुर। बस्तर के उन गांवों में इस बार स्वतंत्रता दिवस का नजारा बदला हुआ दिखा, जहां कभी नक्सली हिंसा के कारण तिरंगा फहराना भी चुनौती माना जाता था।
आजादी के बाद पहली बार बस्तर संभाग के 92 गांवों में सार्वजनिक रूप से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इनमें बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 गांव शामिल हैं।
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नारायणपुर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए कर्रेगुट्टा पहुंची। कभी माओवादियों के प्रभाव वाले इन इलाकों में अब तिरंगा शान से लहरा रहा है।
यात्रा का समापन ताड़ापाला FOB में हुआ, जहां गृहमंत्री विजय शर्मा ने तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा कि यह जीत जवानों, पुलिस, प्रशासन और बस्तर के हर नागरिक की है। उनके मुताबिक अब बस्तर में डर की जगह उम्मीद और शांति की तस्वीर दिखाई दे रही है।
गौरना-मनकेली में भी बदला माहौल
बीजापुर से करीब 7 किलोमीटर दूर गौरना-मनकेली में भी पहली बार ग्रामीणों ने बेखौफ होकर तिरंगा फहराया। कभी माओवादी प्रभाव वाले इस इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती और लगातार कार्रवाई के बाद हालात बदले हैं।
जहां कभी बंदूक का खौफ था, वहां अब तिरंगा है। बस्तर में स्वतंत्रता दिवस का यह दृश्य बदलाव की नई कहानी कह रहा है।
