CHHATTISGARH : DGP directed to take decision in compassionate appointment case within 90 days
बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक पुराने मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि लंबित आवेदन पर 90 दिनों के भीतर नियमों के अनुसार फैसला लिया जाए।
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यह मामला बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सावित्री ठाकुर का है, जिन्होंने अपने पति की मृत्यु के बाद पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था।
सावित्री ठाकुर के पति लोकप्रताप सिंह पुलिस विभाग में आरक्षक थे और 2018 में सेवा के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद 2021 में आवेदन दिया गया, लेकिन सालों तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ।
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राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में यह तर्क दिया गया कि मामले में कुछ आपराधिक पहलू भी जुड़े थे, इसलिए विभाग ने निर्णय रोका हुआ था। हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि वह केस के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं कर रहा, लेकिन आवेदन का लंबित रहना उचित नहीं है।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता के आवेदन पर आदेश की प्रति मिलने के 90 दिनों के भीतर विचार कर विधिसम्मत निर्णय लिया जाए।

