KARNATAKA: Rebellion in the DK Shivakumar government; minister resigns from the cabinet!
KARNATAKA: कर्नाटक में 3 दिन पुरानी डीके शिवकुमार सरकार से मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। बेंगलुरु डेवलपमेंट विभाग नहीं मिलने से नाराज थे।

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने एक दिन पहले ही विभाग बांटे थे।कर्नाटक में कांग्रेस के ‘मजबूत नेता’ माने जाने वाले रेड्डी को गुरुवार देर रात लोक भवन से जारी लिस्ट में बड़े और मध्यम सिंचाई विभाग का पोर्टफोलियो दिया गया था।
शिवकुमार मंत्रिमंडल में बेंगलुरु डेवलपमेंट पोर्टफोलियो कृष्णा बायरे गौडा को दिया गया था।
रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, “मंत्रिमंडल में काम करना मेरे ज़मीर के ख़िलाफ़ है। साल 1992 में वीरप्पा मोइली की सरकार में मंत्री बनने के बाद से मैंने कभी कोई पोर्टफोलियो नहीं मांगा।
रेड्डी ने कहा कि सिद्धारमैया ने उन्हें साल 2023 में बेंगलुरु डेवलपमेंट पोर्टफोलियो देने की पेशकश की थी।
उन्होंने कहा, “लेकिन शिवकुमार मेरे घर आए और मुझसे कहा कि ढाई साल बाद मुख्यमंत्री बनने के बाद वे मुझे यह पोर्टफोलियो सौंप देंगे।
उस वक़्त रेड्डी को ट्रांसपोर्ट और मुज़राई पोर्टफोलियो दिए गए थे।
उन्होंने कहा, “मुझे सिद्धारमैया या शिवकुमार से कोई नाराज़गी नहीं है और मैं (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन) खड़गे से भी नाराज़ नहीं हूं कोई कितना अपमान सह सकता है?”
उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख अतिरिक्त मुख्य सचिव को अपने एक पर्सनल असिस्टेंट के ज़रिए अपना इस्तीफ़ा पत्र भेज रहे हैं।
रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफ़े पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, “चिंता करने की कोई बात नहीं है. वे मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं. हम मंत्रिमंडल में सबसे घनिष्ठ मित्रों में से हैं. हम इस समस्या को सुलझा लेंगे।
साल 1973 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए रेड्डी ने 1992 से गृह विभाग सहित कई पोर्टफोलियो संभाले हैं।
रेड्डी ने कहा, “मैं विधायक बना रहूंगा और कांग्रेस पार्टी में ही रहूंगा।

