DELIMITATION PROTEST : Bill burnt, black flags raised… Stalin’s open challenge to the Centre
नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा टकराव शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने केंद्र के परिसीमन प्लान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।
स्टालिन ने ना सिर्फ इस बिल का विरोध किया, बल्कि मंच से इसकी कॉपी तक जला दी और काला झंडा दिखाकर साफ संदेश दे दिया कि तमिलनाडु यह फैसला मानने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह कानून तमिलों को उनके ही देश में कमजोर कर देगा और उनकी राजनीतिक ताकत छीन लेगा। साथ ही चेतावनी दी कि यह आंदोलन सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे द्रविड़ क्षेत्र में फैलाया जाएगा।
DMK नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने के बहाने उत्तर भारत की ताकत बढ़ाना चाहती है, जिससे दक्षिण भारत का असर कम हो जाएगा।
स्टालिन ने पुराने हिंदी विरोधी आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे पहले दिल्ली को झुकना पड़ा था, वैसे ही इस बार भी केंद्र को पीछे हटना पड़ेगा।
अब संसद के विशेष सत्र में यह मुद्दा और गरमाने वाला है, जहां इस बिल को पेश किया जाना है।

