CG Bharatmala Project Scam: Scam Mastermind SDM Nirbhay Sahu Arrested; ACB-EOW Takes Action
CG Bharatmala Project Scam: भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी तत्कालीन SDM निर्भय कुमार साहू को ACB-EOW ने गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने आरोपी को 30 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान उससे घोटाले के मामले में पूछताछ की जाएगी। जांच में पाया गया कि निभर्य साहू ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अधीनस्थ पटवारी, राजस्व निरीक्षक और अन्य सहयोगियों के साथ मिलीभगत कर घोटाले को अंजाम दिया। इस दौरान अभनपुर तहसील के ग्राम नायकबांधा, उगेटरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो की प्रभावित भूमि को बैकडेट में कई खंडों में विभाजित किया। इसके माध्यम से वास्तविक मुआवजे से कई गुना अधिक राशि का वितरण किया गया। इतना ही नहीं, पहले से अधिग्रहित भूमि को भी दोबारा अधिग्रहण दर्शाकर मुआवजा वितरित किया गया, जिससे शासन को करोड़ों का नुकसान हुआ।
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बताया जा रहा है कि आरोपी की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से निरस्त हो चुकी थी और उसके खिलाफ विशेष न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। इसके बावजूद निलंबित SDM लगातार लंबे समय से फरार चल रहा था।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, भारत माला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर भुगतान घोटाले में हरमीत सिंह खनूजा मुख्य आरोपी और जमीन दलाल है। हरमीत खनूजा ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर हरमीत सिंह चावला की बेटी तहसीलदार रविंदर कौर से शादी की थी।
ईडी की छानबीन में आरोपी के ससुर हरमीत सिंह चावला के पास घोटाले से जुड़े पैसों के लेनदेन और महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। दोनों कारोबारियों के घरों से अब तक क्या मिला है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। ED की टीमें अभी भी डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
कैसे हुआ घोटाला ?
भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। इस केस में कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे और जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था।
शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है।
जमीन को टुकड़ों में बांटा
राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया।
मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है।

