AMIT SHAH CG VISIT : Amit Shah on Bastar mission
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। उनका यह प्रवास बस्तर और अन्य माओवाद प्रभावित इलाकों से नक्सलवाद के समूल खात्मे की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मार्च 2026 तक “माओवाद मुक्त भारत” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अंतिम एक्शन प्लान को इस दौरे में मंजूरी दी जा सकती है। शाह आठ फरवरी को रायपुर में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार बस्तर के कुछ हिस्सों में अभी भी करीब 150 सशस्त्र माओवादी सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस उन बचे हुए पॉकेट्स पर है, जहां अब भी चुनौती कायम है। 31 मार्च 2026 की तय समयसीमा में अब 53 दिन शेष हैं, ऐसे में यह बैठक अहम मानी जा रही है।
शाह नौ फरवरी को बस्तर पंडूम के समापन समारोह में भी शामिल होंगे। सरकार का संदेश साफ है कि माओवाद से लड़ाई सिर्फ सुरक्षा बलों के जरिए नहीं, बल्कि विकास और सांस्कृतिक सम्मान के जरिए भी लड़ी जा रही है। बीते वर्ष 58 नए सुरक्षा कैंप खोले गए, जिससे बस्तर का 95 प्रतिशत क्षेत्र हिंसा मुक्त बताया जा रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में 317 माओवादी मारे गए, जिनमें 11 शीर्ष सदस्य शामिल थे। वहीं 1973 माओवादी अब तक आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
डबल इंजन सरकार के समन्वय के बीच अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त हो पाएगा।
