MUNICIPAL ELECTIONS : BJP-Shiv Sena joint electoral strategy in Maharashtra
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में होने वाले 27 महानगरपालिकाओं के चुनाव को लेकर महायुति ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमति बना ली है। यह निर्णय नागपुर में सोमवार रात देर तक चली मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बंद कमरे में हुई डेढ़ घंटे की बैठक में लिया गया। बैठक में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण भी मौजूद थे।
हाल ही में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति के भीतर खींचतान और सिंधुदुर्ग में तनाव के बाद इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर कुछ समय पहले तक दोनों दलों में “आंखें दिखाने” की स्थिति थी, वहीं अब 27 नगर निगम चुनावों में “साथ मिलकर लड़ने” पर बात पक्की हो गई है।
स्थानीय स्तर पर गठबंधन की तैयारी
बैठक में तय हुआ कि आने वाले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र की सभी नगर निगमों में स्थानीय नेताओं के बीच गठबंधन का फॉर्मूला तैयार किया जाएगा। खासकर मुंबई, ठाणे, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, पनवेल और सोलापुर जैसे बड़े नगर निगमों में सीटों के बंटवारे पर चर्चा होगी। हालांकि इन जगहों पर शिवसेना (शिंदे गुट) की ताकत कम है, इसलिए गठबंधन का स्थानीय समीकरण चुनौतीपूर्ण रहेगा।
दूसरी पार्टी में एंट्री पर रोक
सोमवार को हुई बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया कि अब BJP और शिवसेना (शिंदे गुट) के किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता को दूसरी पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। हाल ही में दोनों दलों में नेताओं की ‘तोड़फोड़’ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिसे रोकने की रणनीति बैठक में तय की गई।
महायुति बनाम महाविकास अघाड़ी होगी सीधी टक्कर
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में मुख्य मुकाबला महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच है।
– मahayuti : BJP + शिवसेना (शिंदे) + NCP (अजीत पवार)
– MVA: कांग्रेस + शिवसेना (UBT) + NCP (शरद पवार)
हालांकि MVA में भी अक्सर आंतरिक मतभेद देखे जाते रहे हैं, जो चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
महाराष्ट्र की 27 महानगरपालिकाओं के चुनाव अगले कुछ महीनों में होने हैं, और इस नई रणनीति के बाद राज्य की राजनीति में नया समीकरण बनता दिख रहा है।

