UGC का कड़ा रुख: एडमिशन कैंसिल होने पर छात्रों की फीस वापस करना जरूरी, 20 करोड़ से ज्यादा पैसे कॉलेजों में फंसे

Date:

नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने साफ कह दिया है कि अगर कोई छात्र तय समय में एडमिशन कैंसिल कराता है और फीस वापस मांगता है, तो सारे कॉलेज और यूनिवर्सिटी को उसकी फीस लौटानी ही होगी। यूजीसी के मुताबिक, पूरे देश में लगभग दो हजार छात्रों के करीब 20 करोड़ रुपये अभी तक कॉलेजों में फंसे हुए हैं, यानी हर छात्र का लगभग एक लाख रुपया।

 

लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद यूजीसी ने कॉलेजों को सख्त हिदायत दी है और चेतावनी दी है कि अगर फीस वापसी के नियमों को नहीं माना गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें कॉलेजों की मान्यता रद्द करना, उनको मिलने वाली आर्थिक मदद रोकना और नए एडमिशन पर रोक लगाना जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

 

यूजीसी के नियमों के हिसाब से, 31 अक्टूबर तक एडमिशन कैंसिल कराने वाले छात्रों को फीस वापस करना कॉलेजों की कानूनी जिम्मेदारी है। आमतौर पर ये नियम हर साल जून-जुलाई में आते थे, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ।

 

हालांकि, छात्रों की बढ़ती शिकायतों और शिक्षा मंत्रालय के बीच में आने के बाद यूजीसी ने पुराने नियम (बैक डेट) से लागू करते हुए एक कागज जारी किया है। इसमें कहा गया है कि फीस रिफंड पॉलिसी-2018 के तहत सारे कॉलेजों को छात्रों की फीस हर हाल में लौटानी होगी।

 

कमीशन ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि अगर कॉलेजों ने नियमों को अनदेखा किया, तो उनको बहुत म

हंगा पड़ेगा।

 

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related