TRUMP GREENLAND CLAIM : Trump’s insistence on Greenland, clash with Denmark and opposition within the US
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने खुले तौर पर कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और उसके भविष्य पर अमेरिका की नजर रहेगी। इस बयान के बाद अमेरिका और डेनमार्क के बीच पहले से चला आ रहा तनाव और गहरा गया है।
ट्रंप ने यह कहकर नया सस्पेंस भी पैदा कर दिया कि “कुछ न कुछ समाधान निकल ही आएगा”, लेकिन डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने साफ कर दिया है कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है। उनका कहना है कि क्षेत्र की संप्रभुता और पहचान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सड़कों पर उतरे लोग, नारे लगे “Hands off Greenland”
ग्रीनलैंड की राजधानी नूक और डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने “Hands off Greenland” जैसे नारे लगाते हुए आत्मनिर्णय और संप्रभुता की जोरदार मांग की। लोगों का साफ संदेश है कि ग्रीनलैंड का भविष्य बाहरी दबाव से तय नहीं होगा।
अमेरिका में भी ट्रंप को नहीं मिल रहा समर्थन
इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि खुद अमेरिका में ही ट्रंप को ज्यादा समर्थन नहीं मिल रहा। एक सर्वे के मुताबिक, पांच में से एक भी अमेरिकी इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहिए। वहीं दस में सिर्फ एक अमेरिकी ऐसा है जो सैन्य कार्रवाई के पक्ष में है।
सिर्फ 17% अमेरिकियों का समर्थन
हालिया Reuters/Ipsos सर्वे में खुलासा हुआ है कि महज 17% अमेरिकियों ने ट्रंप के ग्रीनलैंड संबंधी दावे का समर्थन किया है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही दलों के मतदाताओं में इस मुद्दे को लेकर नाराजगी दिखी है। ज्यादातर लोग सैन्य दखल और जबरन कब्जे के खिलाफ हैं, जिससे साफ है कि ट्रंप की इस सोच को घरेलू समर्थन नहीं मिल पा रहा।
डेनमार्क-ग्रीनलैंड का दो टूक जवाब
डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने अमेरिका के रुख को सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडेरिक नीलसेन ने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड “किसी भी हालत में” अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून और स्थानीय जनता की इच्छा के अनुसार ही होगा।
यूरोप भी उतरा समर्थन में, ट्रंप की टैरिफ चेतावनी
यूरोपीय देशों ने भी ग्रीनलैंड की संप्रभुता का समर्थन किया है और वहां सीमित संख्या में सैनिक तैनात किए गए हैं। हालांकि ट्रंप ने इन कदमों को नजरअंदाज करते हुए कहा कि इससे अमेरिका के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इतना ही नहीं, ट्रंप ने फ्रांस समेत आठ देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दे दी है, जो ग्रीनलैंड के समर्थन में सामने आए हैं।

