आरक्षण के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुखर रहे सरकारी जनमन पत्रिका के संपादक अनिल द्विवेदी की बर्खास्तगी के बाद सरकार और संगठन के प्रवक्ता सकते में हैं। हिदायत दी गई है कि बिगड़े बोल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा भी अब संभलकर बोल और लिख रहे हैं। पहले वे सोशल मीडिया पर कांग्रेस के खिलाफ काफी आक्रामक रहे और कई पोस्ट पर विवाद भी हुआ, लेकिन वे पार्टी लाइन के मुताबिक थे, इसलिए पार्टी ने संज्ञान नहीं लिया। अनिल द्विवेदी प्रकरण में सरकार और संगठन के सख्त तेवर के बाद प्रवक्ता अलर्ट हो गए हैं।
बारिश ने खोली नगरीय प्रशासन की पोल
प्रदेश में हाल की बारिश के बाद नगरीय प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। डिप्टी सीएम अरुण साव के बिलासपुर दौरे के दौरान कलेक्टर-एसपी बारिश का जायजा लेने नहीं निकल पा रहे थे, क्योंकि उनके घरों में पानी भर गया था। निगम अमले ने पहले दोनों अफसरों के घरों से पानी निकाला, इसके बाद वे बाहर बाढ़ का जायजा लेने निकले।
नगरीय निकायों में भाजपा का दबदबा है और हाल के निकाय चुनाव में पार्टी को अभूतपूर्व सफलता मिली थी। इसके बावजूद काम नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
अंबिकापुर में सड़कों की खराब हालत से महामंत्री (संगठन) पवन साय काफी खफा हैं। पार्टी के प्रमुख लोगों ने संगठन को बता दिया है कि निकायों की समस्याओं के समाधान के लिए सार्थक पहल नहीं हुई तो भाजपा को दिक्कत आ सकती है।
सिंचाई ठेके को लेकर खींचतान
प्रदेश के जलसंसाधन विभाग के करीब साढ़े हजार करोड़ रुपये के एक बड़े सिंचाई ठेके को लेकर सरकार में हलचल है। यह ठेका भोपाल की एक कंपनी को मिला है। भोपाल के ठेकेदार के खिलाफ स्थानीय बड़े ठेकेदार लामबंद हैं। ठेके की शर्तों आदि को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, लेकिन उससे कोई नतीजा नहीं निकला।
सहानुभूति स्थानीय ठेकेदारों के साथ है, लेकिन भोपाल वाले ठेकेदार की ताकत भी कम नहीं है। उसके केंद्रीय मंत्री से संबंध बताए जा रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच शह-मात का खेल चल रहा है। अब देखना है कि इसका परिणाम क्या निकलता है।
भाजपा सांसद के पीए को लेकर चर्चा
सरकार के तकरीबन सभी मंत्री अपने पीए बदल चुके हैं। सभी के खिलाफ किसी न किसी तरह की शिकायतें रही हैं। वहीं भाजपा के एक सांसद ने कांग्रेस के एक बड़े नेता की सिफारिश पर अपना पीए रखा है।
कांग्रेस नेता जब सांसद थे, तब यही पीए उनके साथ थे। बाद में राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद पीए बेरोजगार हो गए। अब कांग्रेस नेता ने अपने संबंधों का इस्तेमाल कर उन्हें भाजपा सांसद की निजी स्थापना में रखवा दिया है।
भाजपा सांसद भी उनसे खुश हैं। बताया जाता है कि जो काम उनके अपने लोग नहीं कर पा रहे थे, वह नए पीए बेहतर ढंग से कर रहे हैं।
दीपक बैज की छुट्टी तय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का हटना तकरीबन तय माना जा रहा है। उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है और झारखंड के आदिवासी नेता सुखदेव भगत की नियुक्ति के बाद कार्यकाल बढ़ने की संभावना कम मानी जा रही है।
पार्टी हाईकमान ने संकेत दिए हैं कि नया अध्यक्ष सामान्य अथवा पिछड़ा वर्ग से हो सकता है। युवक कांग्रेस का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग के युवा नेता को जाना तय माना जा रहा है। युवक कांग्रेस के चुनाव में पार्टी के प्रमुख नेता शैलेन्द्र बंजारे और सत्येंद्र चेलक के समर्थन को लेकर संगठन बंटा हुआ है। दोनों अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और दोनों में से एक का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। अगले दो महीने में कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
परिसीमन पर दिल्ली के फैसले का इंतजार
लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन तय है। इसे लेकर दिल्ली में कवायद चल रही है। एक बार महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिर चुका है। संकेत हैं कि इस महीने के आखिर तक केंद्र सरकार परिसीमन को लेकर अपने इरादे साफ कर सकती है। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं की नजर केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी है।
