RAM MANDIR CONTROVERSY : Complaint reaches PMO, Trust refuses to give account
अयोध्या। राम मंदिर में दान, चढ़ावे और जमीन खरीद को लेकर उठे सवालों ने अब नया सियासी मोड़ ले लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से आय-व्यय, बैंक खातों, दान राशि और संपत्तियों का पूरा ब्योरा मांगा, लेकिन ट्रस्ट ने फिलहाल जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है।
PHYSICAL INSPECTION : कॉपी खुद देखेंगे छात्र! CBSE का बड़ा फैसला
ट्रस्ट का कहना है कि पूरे मामले की जांच पहले से एसआईटी कर रही है और जरूरी दस्तावेज जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ऐसे में अलग से कोई जानकारी देना उचित नहीं होगा।
उधर, भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दान, जमीन खरीद और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता की मांग की थी। शिकायत के बाद पीएमओ ने मामला जिला प्रशासन को भेज दिया, जिसके बाद यह पूरा विवाद और गरमा गया।
विधायक अनुज शर्मा की बड़ी पहल: धरसीवां और खरोरा स्वास्थ्य केंद्रों में मिलेगा 24 घंटे इलाज!
अब एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद को भी जांच के दायरे में ले लिया है। वर्ष 2021 से अब तक हुए सौदों, भुगतान रिकॉर्ड और राजस्व दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। बाजार मूल्य और खरीद मूल्य के अंतर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
इसी बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने दावा किया है कि उनके पास इस मामले से जुड़े अहम दस्तावेज हैं, जिन्हें वह एसआईटी को सौंपेंगे। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सच्चाई सामने आ सकेगी।
वहीं, इस पूरे विवाद के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य के राम मंदिर और भगवान राम को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक और धार्मिक माहौल को और गर्म कर दिया है। संत समाज ने उनके बयान की तीखी आलोचना की है, जबकि हिंसक प्रतिक्रियाओं और इनामी घोषणाओं की भी व्यापक निंदा हो रही है।
