छत्तीसगढ़ में शराबबंदी पर एक बार फिर सियासत तेज, डा. रमन सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ में शराबबंदी के लिए क्या सोनिया, राहुल, प्रियंका की सहमति चाहिए

Date:

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराबबंदी पर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने पूछा-क्या शराबबंदी के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सहमति चाहिए? रमन ने आरोप लगाया कि सीएम बघेल खुद शराब बेच रहे हैं और मां-बहनों को गृह कलह का रास्ता दिखा रहे हैं।

डा. रमन के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूछा कि शराबबंदी को लेकर बनी राजनीतिक समिति की बैठक में भाजपा विधायक क्यों नहीं जाते हैं। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार एक मजबूत और प्रभावी सफल शराबबंदी के पक्षधर हैं, इसीलिए सर्वसम्मति से शराबबंदी को लागू करने की बात करती है। रमन सिंह और भाजपा को छोड़कर राज्य सरकार के द्वारा शराबबंदी के लिए गठित राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक कमेटियां शराबबंदी के लिए जोर शोर से काम कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि तीन साल बीत गए, लेकिन मुख्यमंत्री बघेल अब भी यही कह रहे हैं कि एकदम से शराबबंदी नहीं करेंगे, सबकी सहमति से शराबबंदी होगी। क्या सबकी सहमति का उनका आशय सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की सहमति से है? वरना किसकी सहमति की प्रतीक्षा है। तीन साल पहले गंगाजल हाथ में लेकर शराबबंदी की कसम खाई गई थी। अब तक तो छत्तीसगढ़ ही क्या पूरे विश्व में बसे छत्तीसगढ़ी समाज की राय ली जा सकती थी। एक सवाल यह भी है कि क्या शराबबंदी के लिए हाथ में गंगाजल लेने के पहले किसकी सहमति मांगी गई थी जो इस तरह का वादा किया था।

यदि भूपेश बघेल यह सोचते हैं कि हर मामले में दिल्ली दरबार के हुक्म का इंतजार करना है, तो छत्तीसगढ़ में वे बाकी बचे दो साल में भी शराबबंदी लागू नहीं कर सकते। जो कांग्रेस बिहार में लागू शराबबंदी हटाने पर विचार करने का चुनावी वादा कर सकती है, वह छत्तीसगढ़ में किस आधार पर शराब बंदी कराएगी? दरअसल शराबबंदी की भूपेश बघेल की कोई मंशा नहीं है।

डा. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल धार्मिक सम्मेलन में भी राजनीतिक कलाबाजियां दिखाने से परहेज नहीं रखते। वे महिलाओं को नसीहत दे रहे हैं कि शराब पीकर आने वाले को घर में नहीं घुसने दें। उनकी महिला बाल विकास मंत्री सलाह देती हैं कि थोड़ी थोड़ी पिया करो। अब पुरुष महिला बाल विकास मंत्री की सलाह मानें या माताएं बहनें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नसीहत पर अमल करें। भूपेश बघेल खुद शराब बिकवा रहे हैं और महिलाओं को सलाह दे रहे हैं कि पीकर आने वाले को घर में न घुसने दें। वे इस तरह गृह कलह का रास्ता दिखा रहे हैं। भूपेश बघेल समझ लें कि महिलाएं शराब बेचने वालों को अगली बार विधानसभा में नहीं घुसने देंगी।

शराबबंदी को लेकर भाजपा की दोमुंही नीति: कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार सफल शराबबंदी के लिए छोटे से छोटे विषयों पर गंभीरता से चर्चा कर रही है। सामाजिक कमेटी की बैठक के बाद समाज प्रमुख नोटबंदी की तरह शराबबंदी करने के खिलाफ थे। शराबबंदी के लिए जन जागरूकता अभियान के साथ क्रमबद्ध तरीके से शराबबंदी लागू करने का सुझाव दिया है, ताकि शराबबंदी के बाद किसी भी प्रकार से जनहानि ना हो। डा. रमन सिंह को बताना चाहिए कि सरकार के द्वारा शराबबंदी के लिए गठित राजनीतिक कमेटी में वे स्वयं और भाजपा के विधायक शामिल क्यों नहीं हुए? भाजपा की शराब को लेकर दोमुंही नीति समझ में आ रही।

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related