PARLIAMENT SPECIAL SESSION : Why is there a special session of Parliament? Why is there increased political activity?
नई दिल्ली। संसद का विशेष सत्र इसी महीने के आखिर में बुलाए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक फिर से लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, अभी सत्र की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
पुराने झटके के बाद नई तैयारी
बजट सत्र के दौरान 17 अप्रैल को परिसीमन और लोकसभा-विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो पाया था। अब सरकार दोबारा कोशिश करने की तैयारी में है। सूत्रों का दावा है कि सरकार को लोकसभा में जरूरी समर्थन मिलने का भरोसा है।
विपक्षी दलों से भी संपर्क
बताया जा रहा है कि सरकार डीएमके और कुछ छोटे विपक्षी दलों से बातचीत कर रही है, ताकि विधेयकों के समर्थन में संख्या मजबूत की जा सके। यह कवायद ऐसे समय हो रही है, जब विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार पर हमलावर है।
कब हो सकता है सत्र?
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हुआ था, लेकिन उसका औपचारिक सत्रावसान नहीं हुआ है। ऐसे में विशेष बैठक बुलाने का रास्ता खुला है। सूत्रों के अनुसार, तारीख तय करते समय 26 और 27 अक्टूबर को संविधान सदन में होने वाले 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का ध्यान रखा जाएगा। विशेष सत्र से पहले करीब एक हफ्ते का नोटिस दिया जा सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार कब सत्र बुलाती है और प्रस्तावित विधेयकों को कितना समर्थन मिल पाता है।
