MAHILA AARAKSHAN CONTROVERSY : Women’s reservation or electoral game? Sonia Gandhi raises serious questions.
नई दिल्ली। महिला आरक्षण को लेकर सियासत अचानक गरमा गई है। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने सीधे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार जिस तेजी से इस बिल को आगे बढ़ा रही है, उसके पीछे असली मकसद महिलाओं को हक देना नहीं, बल्कि चुनावी फायदा लेना है।
सोनिया गांधी ने अपने लेख में इशारा किया कि जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गर्म है, उसी समय संसद का विशेष सत्र बुलाकर बिल को पास कराने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2023 में ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास हो चुका है, लेकिन उसकी लागू करने की शर्तें ऐसी रखी गई हैं कि महिलाएं अभी भी इंतजार ही कर रही हैं।
कांग्रेस का कहना है कि असली खेल महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन है। सीटों के नए बंटवारे को लेकर सरकार कोई साफ जानकारी नहीं दे रही, जिससे शक और बढ़ रहा है। विपक्ष का आरोप है कि अगर नीयत साफ होती तो 2024 चुनाव से ही आरक्षण लागू किया जा सकता था, लेकिन अब इसे 2029 तक टालने की तैयारी क्यों?
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पीएम को पत्र लिखकर इस पूरे कदम को चुनावी स्टंट बताया है। बीजेपी ने भी अपने सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर जोरदार टकराव देखने को मिलेगा।

