LIQUOR BAN BREAKING: Liquor ban implemented in 17 cities, Chief Minister announced
रायपुर डेस्क। प्रदेश सरकार ने महेश्वर में हुई ‘डेस्टिनेशन कैबिनेट मीटिंग’ में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के 17 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में लिया गया। कैबिनेट के इस फैसले के अनुसार, इन स्थानों पर शराब की बिक्री और खरीद पूरी तरह से गैरकानूनी होगी। यह प्रतिबंध 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा।
शराबबंदी वाले 17 नगर –
उज्जैन नगर निगम
ओंकारेश्वर नगर पंचायत
महेश्वर नगर पंचायत
मण्डलेश्वर नगर पंचायत
ओरछा नगर पंचायत
मैहर नगरपालिका
चित्रकूट नगर पंचायत
दतिया नगरपालिका
पन्ना नगरपालिका
मण्डला नगरपालिका
मुल्ताई नगरपालिका
मंदसौर नगरपालिका
अमरकंटक नगर पंचायत
सलकनपुर ग्राम पंचायत
बरमानकलां, लिंगा, और बरमानखुर्द ग्राम पंचायतें
कुण्डलपुर ग्राम पंचायत
बांदकपुर ग्राम पंचायत
महिलाओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले को महिलाओं और धार्मिक भावनाओं के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि यह कदम समाज को एक नई दिशा देगा। सरकार ने धीरे-धीरे राज्य में शराबबंदी की ओर बढ़ने का संकेत दिया है।
मंत्रियों को स्थानांतरण का अधिकार
कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को अपने विभागों में स्थानांतरण का अधिकार भी देने का फैसला लिया गया। विशेष परिस्थितियों में मंत्रियों को यह अधिकार दिया जाएगा, और आने वाले समय में इसके लिए विधिवत नीति लाई जाएगी।
देवी अहिल्याबाई की विरासत को संरक्षित करने की पहल
बैठक से पहले मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने नर्मदा तट पर पूजा-अर्चना कर प्रदेश की प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई की विरासत को समाज के समक्ष लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
महेश्वर में ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक
कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तिकरण, सिंचाई क्षमता बढ़ाने और धार्मिक स्थलों के विकास सहित कई लोकहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अहिल्याबाई होल्कर के शासन की व्यवस्था को प्रेरणा मानते हुए उनके कार्यों को समाज के समक्ष लाने का संकल्प लिया।
फैसले का स्वागत
राज्य के धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। सरकार के इस कदम को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

