HYDROGEN TRAIN INDIA : India’s first hydrogen train saved 3,200 liters of diesel
नई दिल्ली। भारत ने रेल परिवहन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 17 जुलाई को जींद–सोनीपत रेलखंड पर दौड़ी और अब तक 1,200 किलोमीटर से ज्यादा की सफल यात्रा पूरी कर चुकी है।
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सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन को चलाने के लिए डीजल नहीं, बल्कि हाइड्रोजन का इस्तेमाल होता है। ट्रेन के भीतर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली बनती है और इसके बाद धुएं की जगह सिर्फ जलवाष्प निकलती है।
यानी न डीजल का धुआं, न टेलपाइप से कार्बन उत्सर्जन। अब तक इस ट्रेन के संचालन से 3,200 लीटर से ज्यादा डीजल की बचत हो चुकी है।
10 कोच वाली इस स्वदेशी ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार हैं, जो मिलकर 2,400 किलोवाट बिजली पैदा करती हैं। ट्रेन में लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरियां और हाइड्रोजन सिलेंडर भी लगाए गए हैं।
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जींद में भारत की पहली समर्पित हाइड्रोजन भंडारण सुविधा भी तैयार की गई है, जहां करीब 3,000 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन स्टोर की जा सकती है। हाइड्रोजन रिसाव, आग, धुएं और अधिक तापमान से बचाव के लिए ट्रेन में कई ऑटोमैटिक सुरक्षा प्रणालियां भी लगाई गई हैं।
डीजल इंजन के दौर के बाद क्या अब भारत हाइड्रोजन ट्रेनों के नए युग में प्रवेश कर चुका है?
